16 अप्रैल से ताबड़तोड़ क्रिकेट यानी आईपीएल शुरू होने वाला है। दुनिया की सबसे महंगी क्रिकेट लीग आईपीएल जितना अपनी चकाचौंध के लिए जाना जाता है औऱ उतना ही विवादों को लिए भी जाना जाता है। 2008 में आईपीएल के पहले सीजन से विवाद इसके साथ साथ चलते रहे हैं। आईपीएल के हर सीजन में कुछ ना कुछ विवाद जरूर है। इस बार आईपीएल का सातवां सीजन है, हम तो यही दुआ करेंगे की इस बार किसी विवाद का दाग इसके दामन में ना लगे लेकिन देखते हैं खुदी को क्या मंजूर है। चलिए हम आपको बतातें हैं आईपीएल के पिछले 6 सीजन में हुए 6 विवादों के बारे में, इनमें से कुछ विवाद तो सुलझ गए लेकिन कुछ ऐसे रहे जो अभी भी चल रहे हैं। 


पहला विवाद-  भज्जी का 3 करोड़ का थप्पड़

साल था 2008 क्रिकेट की इस मनी लीग की शुरूआत ही हुई थी और तभी एक विवाद हो गया। ये विवाद दो ऐसे लोगों के बीच हुआ था जो पहले साथ मिलकर देश के लिए क्रिकेट खेल चुके थे लेकिन उनका ये साथ आईपीएल की इस चकाचौंध में शायद कहीं खो गया था। मुंबई इंडियस के तत्कालीन कप्तान और स्पिनर हरभजन सिंह का किंग्स इलेवन पंजाब के श्रीसंत को थप्पड़ मारना आईपीएल 1 का सबसे बड़ा विवाद रहा। ये खबर काफी समय तक मीडिया में छायी रही थी। किंग्स इलेवन पंजाब के होम ग्राउंड मोहाली में उसका मुकाबला मुंबई इंडियस से चल रहा था। मैच में कुछ बहस होने के बाद हरभजन सिंह ने फास्ट बॉलर एस श्रीसंत के गाल पर थप्पड़ मार दिया था। जिसके बाद श्रीसंत ने टीवी देख रहे करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के सामनें लाईव रोकर श्रीसंत ने इस विवाद को और बड़ा बना दिया था। ये एक थप्पड़ भज्जी के लिए बहुत भारी साबित हुआ और उन्हें इसके चलते 11 मैचों का प्रतिबंध झेलना पड़ा और उन्हें 3 करोड़ का नुकसान भी उठाना पड़ा था। हालांकि घटना के कुछ समय बाद हरभजन सिंह ने श्रीसंत से माफी मांग ली थी।  इसके बाद दोनों ने अगले मैचों में मिल जुलकर इस विवाद को खत्म किया।  


दूसरा विवाद- बुकानन की कप्तानी थ्योरी से हुआ विवाद

आईपीएल 2 में दूसरा विवाद हुआ था उस समय शाहरूख खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान सौरव गांगुली और कोच जॉन बुकानन के बीच में और इस विवाद को लेकर अंत में सौरव गांगुली को अपनी कप्तानी गवांनी पड़ी थी। ऑस्ट्रेलिया का कोच रहते हुए उन्होंने टीम को कामियाबी दिलाई थी, लेकिन जब वह कोलकाता की टीम के कोच बने तो उन्होंने एक कप्तानी थ्योरी सुझाई जिसमें उन्होंने कहा था कि घरेलू मैदान यानी ईडन गार्डन मे जो मैच खेले जाएंगे उनमें सौरव गांगुली से कप्तानी कराई जाए और जो मैच बाहरी मैदानों पर होंगे उनके लिए ब्रैंडन मैकुलम या फिर क्रिस गेल को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी जाए। बुकानन का यह आइडिया सौरव गांगुली को पसंद नहीं आया और उन्होंने इसका विरोध किया। विवाद इतना बढ़ा की टीम मैनेजमैंट भी इसे नहीं सुलझा पाया जिसके बाद टीम के मालिक फिल्मस्टार शाहरूख खान ने दोनों के साथ मिलकर इस मामले को शांत करवाया। इस विवाद के चलते टीम के परफॉर्मेंस पर काफी असर पड़ा और गांगुली की कप्तानी जाने के बाद इस विवाद का अंत हुआ और बाद में हुई नीलामी ने कोलकाता की टीम ने उनकी बोली भी नहीं लगाई थी। 


आईपीएल विवाद 3- मालिकाना हक को लेकर विवाद

आईपीएल 2010 के समय एक और नया विवाद सामनें आया था। इस बार विवाद खिलाड़ियों से जुड़ा नहीं था बल्की टीम के मालिक और टीम के भविष्य से जुड़ा हुआ था। 2010 में टीम के मालिकाना हक को लेकर विवादों में घिरी राजस्थान रॉयल्स और किंग्स इलेवन पंजाब की टीम को आईपीएल से बाहर कर दिया गया था। इसके अलावा उस समय आईपीएल से जुड़ रही कोच्चि फेंचाईजी को भी बीसीसीआई ने नोटिस भेजकर मालिकाना हक पर सफाई देने को कहा था।  दोनों टीमों के मालिकाना हक पर बनी असमंजस की स्थिति को देखते हुए बीसीसीआई ने यह फैसला लिया था। बीसीसीआई कहना था कि पंजाब, राजस्थान और कोच्चि ने फ्रेंचाइजी नियमों को उलघ्घन किया था। हालांकि इस सब के बाद राजस्थान रॉयल्स और किंग्स इलेवन की टीम ने इस मामले को लेकर हाइकोर्ट और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट तक गई थी । जिसके बाद कुछ शर्तों के बाद इन टीमों ने आईपीएल में वासपी की । लेकिन कोच्चि टस्कर्स केरल और सहारा पुणे वॉरियर्स की टीम की किस्मत अच्छी नहीं रही। पिछले सीजन में सहारा की टीम और उससे पहले कोच्चि की टीम आईपीएल से बाहर हो गई थी। 


आईपीएल विवाद नंबर 4- किंग खान और सुरक्षाकर्मी की तू तू – मैं मैं। 

2012 में हुई आईपीएल के पांचवे सीजन में किंग खान यानी शाहरूख खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स आईपीएल चैंपियन बनी थी। लेकिन इस सीजन में एक विवाद भी शाहरूख खान के साथ जुड़ा था। ये विवाद था शाहरूख खान और वानखेड़े स्टेडियम में तैनात सुरक्षाकर्मी के बीच झड़प का। दरअसल हुआ कुछ यूं था कि एक मैच के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम आमनें सामनें थी। मैच खत्म होने के बाद किंग खान स्टेडियम में तैनात एक सुरक्षाकर्मी से भिड़ गए थे।  इस घटना को लेकर शाहरूख खान का कहना था कि उस सुरक्षाकर्मी ने उनके बच्चों के साथ दुर्रव्यवहार किया था, जबकि सुरक्षाकर्मी का कहना था कि मैच खत्म होने के बाद वह सभी को स्टेडियम से बाहर जाने के लिए कह रहे थे, इससे नाराज होकर शाहरूख खान ने उनसे धक्का मुक्की और गाली गलौज की थी। स्टेडियम में शुरू हुआ ये मामला केवल स्टेडियम तक ही नहीं रूका, जिसके बाद शाहरूख ने एमसीए यानी मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बारे में भी काफी कुछ कहा था। मामला थाने तक पहुंचा और वानखेड़े स्टेडियम की तरफ से शाहरूख के खिलाफ मरीन ड्राइव थाने में मामला दर्ज करवाया गया औऱ उसके बाद वानखेड़े स्टेडियम मे शाहरूख खान की एंट्री पर लाइफटाइम बैन लगा दिया गया। पुलिस का भी मानना था कि उस समय शाहरूख खान ने शराब पी रखी थी। इसके बाद भी बयानों का काफी लंबा दौर चला। शाहरूख की वानखेड़े में एंट्री पर लगा बैन हटवाने के लिए काफी कोशिश की गई। बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला एमसीए से शाहरूख पर लगा बैन हटाने की सिफाऱिश की थी लेकिन बैन हटा नहीं। इसके चलते वह आईपीएल 2013 में वानखेड़े स्टेडियम मे हुए अपनी टीम का एक भी मैच नहीं देख पाए थे। 


आईपीएल विवाद 5- ल्यूक पोमर्सबैच की गिरफ्तारी

आईपीएल के नए सीजन के साथ आईपीएल के विवादों की लिस्ट में एक और नया विवाद जुड़ा। लेकिन इस बार जो हुआ वह पिछली बार हुए विवादों से काफी अलग था। इस सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरू के खिलाड़ी ल्यूक पोमर्सबैच को दिल्ली पुलिस ने यौन शोषण के मामले में गिरफ्तार किया था। पोमर्सबैच पर दिल्ली के फाइव स्टार होटल आईटीसी मौर्या में एक अमेरिकी महिला जोहल हमीद ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। यही नहीं उस महिला ने पोमर्सबैच पर अपने पुरूष मित्र साहिल पीरजादा के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया था। इसके बाद पोमर्सबैच के खिलाफ धारा 354, 323,454 और 511 के तहत केस दर्ज करने के बाद उसे दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। 

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरू के डायरेक्टर और बिजनेसमैन विजय माल्या के बेटे सिद्धार्थ माल्या ने इस मामले को सुलझाने की बजाए विवादित बयान देकर मामले को और तूल दे दिया था,जिसके बाद कई महिला संगठनों की उनकी टीम के खिलाफ गुस्सा भड़का था और उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा था। कुछ समय बाद दोनों पक्षों ने आपस में मिलकर कोर्ट के बाहर ही इस मामलो को सुलझा लिया था। 


आईपीएल विवाद 6- स्पॉट फिक्सिंग की फांस

आईपीएल के छठे सीजन में इसके साथ जो विवाद जुड़ा वह अब तक चला आ रहा है और आगे और भी लंबा चलेगा। इस सीजन में दुनिया की सबसे बड़ी और महंगी क्रिकेट लीग पर फिक्सिंग का दाग लग गया था। पिछले पांच सीजन से वह इससे बचा लेकिन शायद अब यहीं होना बाकी रह गया था। दिल्ली पुलिस और मुंबई पुलिस द्वारा आईपीएल में स्पॉट फीक्सिंग में खुलासे के बाद राजस्थान की टीम के 3 खिलाड़ियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसमें एस श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चंदीला शामिल थे। फिक्सिंग की फांस में फंसने के बाद काफी लंबे समय तक इन खिलाड़ियों को जेल की हवा खानी पड़ी थी। लेकिन फिक्सिंग के तार केवल इन तीन खिलाड़ियों तक ही नहीं जुड़े थे जैसे जैसे केस की छानबीन आगे बढ़ी इसमें कई और नाम सामनें आते रहे। इन तीनों खिलाड़ियों के बाद दारा सिंह के बेटे और बॉलीवुड एक्टर विंदु दारा सिंह और उस समय बीसीसीआई के चीफ एन श्रीनिवासन के दामाद गुरूनाथ मयप्पन को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। इस मामले में राजस्थान रॉयल्स के मालिक राज कुंद्रा और उनकी पत्नी और एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी से भी पुलिस ने पूछताछ की थी।  इस घटना ने सबको हिलाकर रख दिया था। इस केस के बाद श्रीनिवासन पर लगातार कुर्सी छोड़ने का दबाव बनने लगा था और अंत में उन्हें झुकना ही पड़ा और बीसीसीआई के अध्यक्ष रह चुके जगमोहन डालमिया को मामले की जांच होने तक बोर्ड के अंतरिम अध्यक्ष का पदाभार दिया था। डालमिया को जिम्मेदारी मिलने के बाद जैसा लोगों ने सोचा था हुआ भी कुछ वैसा ही, बीसीसीआई ने इस मामले की जांच के लिए जो पैनल बनाया था वह श्रीनिवासन, उनके दामाद गुरूनाथ मयप्पन, और राजस्थान की टीम के सह मालिक राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी को बेदाग घोषित करके क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद इस मामले ने और तूल पकड़ा और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने मुंबई हाइकोर्ट में इसकी शिकायत की, जिसके बाद मुंबई हाइकोर्ट ने इस मामले पर सज्ञान लिया और बीसीसीआई के द्वारा गठित पैनल की रिर्पोट को खारिज कर दिया था। अब मामला हाइकोर्ट से आगे बढ़कर सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब औऱ हरियाण के पूर्व चीफ जस्टिस मुकुल मुदगल की अध्यक्षता में तीन सदस्य टीम का गठन किया गया। हाल ही में मुदगल कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिर्पोट सौंपी है जिसमें बीसीसीआई , गुरूनाथ मयप्पन और राज कुंद्रा की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। यही नही टीम इंडिया के कप्तान की महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना का नाम भी इसमें आया, धोनी पर यह आरोप लगाए गए कि उन्होंने मयप्पन को लेकर गलत बयान दिया था। हालांकि बीसीसीआई ने इसमें धोनी का नाम शामिल किए जाने को गलत बताया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की जांच पूरी होने तक श्रीनिवासन अध्यक्ष पद से हटे रहेंगे।  इस समय श्रीनिवासन की जगह पूर्व दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावसकर अंतरिम अध्यक्ष का पद संभाल रहे हैं। आईपीएल पूरा होने तक सुनील यह जिम्मेदारी संभालेंगे। 

हाल ही में इस पूरे मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है जिसमें पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की गुजारिश की गई है।  


सौरभ शर्मा       
  
   

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
Saurabh Sharma is the Editorial Head of Cricketnmore Hindi and a passionate cricket journalist with over 14 years of experience in sports media. He began his journalism career with Navbharat Times, part of the Times of India Group, before moving to television media with Sadhna News. In 2014, he joined Cricketnmore and currently serves as the editor of the platform.
Known for his deep understanding of cricket statistics and unique storytelling approach, Saurabh specializes in cricket news, match analysis, records, and feature stories. Along with editorial responsibilities, he also works as a show producer for popular cricket video series such as Cricket Tales, Cricket Flashback, and Cricket Trivia. Read More
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