Cricket Tales - When Ellyse Perry’s boot seals maiden glory in Women's T20 World Cup 2010

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2009 में पहला टी20 वर्ल्ड कप हुआ और 2010 में ही दूसरा टी20 वर्ल्ड कप भी खेल लिया। इस बार ऑस्ट्रेलिया नए चैंपियन थे और फाइनल में न्यूजीलैंड के साथ नेल-बाइटिंग मैच खेला। ये कमाल का मैच था और इस मैच में आख़िरी गेंद पर एक ऐसी बात हुई जिसने इसे यादगार बना दिया।

क्या हुआ था- ये जानने से पहले, ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेटर एलिस पेरी की एक खूबी का जिक्र बहुत जरूरी है। ऑस्ट्रेलिया उस दौर में, रिटायर हो चुकी, तेज गेंदबाज कैथरीन फिट्ज़पैट्रिक के सब्स्टीट्यूट की तलाश कर रहा था। एलिस पेरी ने इस ड्यूटी को संभाल लिया। ये वही पेरी थीं जो फुटबॉल भी बहुत अच्छा खेलती थीं। एक मुकाम पर उनके सामने क्रिकेट या और फ़ुटबाल में से किसी एक को चुनने का सवाल आया। तब फुटबॉल करियर बड़ा आकर्षक नजर आ रहा था। वे इसके वर्ल्ड कप फाइनल्स में भी खेल चुकी थीं। जब ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम से कॉल-अप आया तो वह मटिल्डा के लिए खेल रही थीं। तब भी, उन्होंने क्रिकेट को चुना और संयोग से उसके बाद से ही हालात बदले। जब 2008 में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दिए तो उनका नाम पहली लिस्ट में था।। अब उस वर्ल्ड कप फाइनल पर चलते हैं।

ऑस्ट्रेलिया ने 106-8 बनाए तो लगा था कि न्यूजीलैंड आसानी से जीत जाएगा पर ऐसा हुआ नहीं। जीत के लिए, न्यूज़ीलैंड को आखिरी ओवर में 14 रन चाहिए थे और आख़िरी गेंद पर 5 जो नहीं बने और ऑस्ट्रेलिया ने तीन रन से जीत दर्ज की। एलिस पेरी ने 18 रन देकर तीन विकेट लिए और उनके नाम से ही एक ऐसा अनोखा कमाल देखने को मिला जिसने इस फाइनल को यादगार बना दिया। टूर्नामेंट की उस आख़िरी गेंद पर तय हुआ कि टाइटल किसने जीता है। मजे की बात ये है कि पेरी ने क्रिकेट खेलते हुए, फुटबॉल की टेलेंट दिखाई और अपने दाहिने पैर का सही इस्तेमाल करते हुए इस इवेंट का इतिहास बदल दिया।

सोफी डिवाइन स्ट्राइक पर और न्यूजीलैंड को आख़िरी गेंद पर जीत के लिए 5 रन की और सुपर ओवर खेलने के लिए 4 रन की जरूरत थी। गेंदबाज थीं- पेरी। सोफी ने जीत की कोशिश में उस आख़िरी गेंद पर एक पावरफुल स्ट्रेट ड्राइव लगा दिया। गेंद बाउंड्री की तरफ जा रही थी I सोफी के उस तेज ड्राइव को रोकने के लिए पेरी ने हाथों का नहीं, पैर का इस्तेमाल किया और बिलकुल सही वक्त पर अपना दाहिना पैर बाहर निकाल दिया। गेंद पैर पर लगी और मिड-ऑन की तरफ डिफ्लेक्ट हो गई। जो शॉट बाउंड्री के बाहर जा सकता उस पर एक सिंगल ही बना और उनकी टीम ने वूमन टी20 वर्ल्ड कप जीत लिया। अगर पेरी ने तब पैर से शॉट को डिफलेक्ट न किया होता तो आज उस टी20 वर्ल्ड कप के बारे में कुछ अलग तरह से लिखते। एलिसा हीली ने 6 साल बाद भारत में 2016 के टूर्नामेंट से पहले, एक इंटरव्यू में कहा था- 'मुझे आख़िरी गेंद पर पेरी का बूट खूब याद है।'

इससे पहले ग्रुप राउंड में, ऑस्ट्रेलिया ने पिछले चैंपियन इंग्लैंड को भी कमाल के अंदाज में हराया था। ये मैच एक अलग स्टोरी है।

लेखक के बारे में

Charanpal Singh Sobti
Charanpal Singh Sobti is a veteran cricket writer with more than five decades of experience covering the game. At Cricketnmore, he brings his extensive knowledge, unique perspective and deep understanding of cricket to readers through insightful news, analysis, historical pieces and fascinating stories from the world of cricket. Read More
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