Gyanendra Pandey Team India: भारतीय क्रिकेट टीम में हर रोल के लिए प्रतिस्पर्धा कड़ी है। हर साल टीम में कई नए खिलाड़ी आते हैं औऱ डेब्यू करते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिन्हें टीम में लगातार मौके मिलते हैं। भारतीय क्रिकेट में मौजूद समय में इतना ज्यादा टैलेंट हैं कि  एसोसिएशन और बोर्डों के लिए हर एक खिलाड़ी को समान अवसर देना व्यावहारिक रूप से असंभव सा लगता है। ऐसा ही हुआ पूर्व भारतीय ऑलराउंडर ज्ञानेंद्र पांडे के साथ, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन से नेशनल टीम में जगह बनाई, लेकिन सिर्फ 2 वनडे खेलकर ही उनका करियर खत्म हो गया। 

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पांडे ने 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ भारत के लिए डेब्यू किया था और फिर उन्होंने एक और मैच खेला। जिसके बाद उन्हें कभी टीम इंडिया में मौका नहीं मिला। 

 
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घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के चलते ज्ञानेंद्र ने सिलेक्टर्स की नजरें अपनी तरफ खिंची थी। उन्होंने 117 फर्स्ट क्लास मैच में 165  विकेट लिए और लिस्ट ए में 82 मैच में 80 विकेट लिए। इसके अलावा क्रमश: 5348 रन औऱ 1781 रन बनाए। 97 रणजी ट्रॉफी मैच में उन्होंने 4425 रन बनाए और 148 विकेट लिए। 

लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू मे ज्ञानेंद्र ने कहा, “1997 में मैंने अच्छा प्रदर्शन किया था। दलीप ट्रॉफी के फाइनल में मैंने 44 रन बनाए और तीन विकेट लिए। देवधर ट्रॉफी में मेरा प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा। नॉर्थ जोन में विक्रम राठौर, वीरेंद्र सहवाग और नवजोत सिद्धू शामिल थे। मैंने पांच विकेट लिए और नाबाद 23 रन बनाए। वेस्ट जोन के खिलाफ मैंने नाबाद 89 रन बनाए और ईस्ट जोन के खिलाफ 2-3 विकेट लिए। साउथ जोन के खिलाफ मैंने नाबाद 28 या 30 रन बनाए और 2-3 विकेट लिए।”

बता दें कि ज्ञानेंद्र सेंट्रल जोन की टीम में शामिल थे, जिसमें संजय बांगर और मुरली कार्तिक शामिल हैं। 

“चैलेंजर ट्रॉफी में रॉबिन सिंह और अमय खुरासिया को आउट किया गया। इंडिया ए के लिए मैंने 26 रन विकेट के लिए दो विकेट लिए और फिर मुझे भारत की तरफ से खेलने का मौका मिला। ये 1999 की बात है।”

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पांडे ने राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली, मोहम्मद अजहरुद्दीन और वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर किया। 

पांडे 1999 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत के लिए दोबारा खेल सकते थे, लेकिन खबकों के अनुसार उस समय के बीसीसीआई सचिन जयवंत लेले उनके सिलेक्शन पर राजी नहीं हुए थे।  

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ज्ञानेंद्र ने इंटरव्यू के दौरान बताया पूर्व भारतीय क्रिकेटर अब भारतीय स्टेट बैंक के पीआर एजेंट के रूप में काम करते हैं। 
 

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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