IND vs NZ: भारतीय क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों को लगातार मौके मिल रहे हैं और अब इस कड़ी में झारखंड के विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र (Kumar Kushagra) का नाम भी जुड़ गया है। 21 साल के कुशाग्र को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी दो मुकाबलों के लिए भारतीय टीम में चुना गया है। यह उनके करियर का पहला मौका है, जब उन्हें सीनियर भारतीय टीम में जगह मिली है।
जूनियर क्रिकेट से बनाई पहचान
कुमार कुशाग्र दाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज हैं और घरेलू क्रिकेट में झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका जन्म 23 अक्टूबर 2004 को झारखंड के बोकारो में हुआ था। क्रिकेट में उनकी शुरुआत काफी कम उम्र में हो गई थी। महज 12 साल की उम्र में उन्हें झारखंड की अंडर-16 टीम में जगह मिल गई थी। इसके बाद उन्होंने जूनियर क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई।
कुमार कुशाग्र को सबसे पहले बड़ी पहचान 2019-20 की वीनू मांकड़ ट्रॉफी में मिली। इस टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए आठ मैचों में 500 से ज्यादा रन बनाए। उनके इस प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें भारत की अंडर-19 टीम में जगह मिली। जूनियर क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद कुशाग्र ने घरेलू क्रिकेट में कदम रखा। उन्होंने 2021 में झारखंड के लिए लिस्ट-ए क्रिकेट में डेब्यू किया, जबकि 2022 में उनके फर्स्ट क्लास करियर की शुरुआत हुई।
रणजी ट्रॉफी में 266 रन की ऐतिहासिक पारी
कुमार कुशाग्र के करियर की सबसे यादगार पारियों में रणजी ट्रॉफी में नागालैंड के खिलाफ खेली गई 266 रन की पारी शामिल है। इस मुकाबले में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए दोहरा शतक जड़ा था। इस पारी के साथ वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट की एक पारी में 250 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बने थे।
कुशाग्र के फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड पर नजर डालें तो उन्होंने 38 मैचों की 61 पारियों में करीब 42.49 की औसत से 2,507 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से सात शतक और छह अर्धशतक निकले हैं। वहीं, लिस्ट-ए क्रिकेट में उन्होंने 40 मैचों की 35 पारियों में 1,387 रन बनाए हैं। इस फॉर्मेट में उनका औसत 51.37 का रहा है और उनके नाम दो शतक तथा 10 अर्धशतक दर्ज हैं।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और दलीप ट्रॉफी में भी चमके
कुमार कुशाग्र का हालिया प्रदर्शन भी काफी शानदार रहा है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने झारखंड की ओर से लगातार रन बनाए और 2025 में टीम के खिताबी अभियान में अहम भूमिका निभाई। इस टूर्नामेंट में उन्होंने 10 मैचों में 162 के स्ट्राइक रेट से 422 रन बनाए थे।
इसके बाद सितंबर 2026 में दलीप ट्रॉफी के फाइनल में भी कुशाग्र ने अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। उन्होंने पहली पारी में 101 रन की शतकीय पारी खेली, जबकि दूसरी पारी में 46 रन बनाए। इसके बाद इसी महीने इंडिया ए की ओर से ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ खेले गए पहले अनौपचारिक टेस्ट में भी उनका बल्ला जमकर चला। उन्होंने पहली पारी में 113 रन बनाए और दूसरी पारी में 46 रन बनाकर नाबाद रहे।
Also Read: LIVE Cricket Score
अब देखना होगा कि कुशाग्र को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू का मौका मिलता है या नहीं। हालांकि, पहली बार सीनियर भारतीय टीम में चुना जाना ही उनके करियर का बड़ा पड़ाव है।