Cricket Tales - बल्लेबाज के शॉट से गेंद बाउंड्री के बाहर और तब भी अंपायर ने 6 रन का इशारा न करे तो इसे अंपायर की गलती ही कहेंगे। सच ये है कि अंपायर सही थे- जिस स्टेडियम में मैच खेल रहे थे वहां के लिए लॉ ही कुछ ऐसा था कि गेंद बाउंड्री पार भेजने के बावजूद बल्लेबाज को 6 रन नहीं मिले। ये क्या किस्सा है ? इस किस्से का जिक्र आगे करेंगे। सबसे पहले तो ये देखते हैं कि अब इस किस्से को याद करने की वजह क्या है?

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दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग में से एक है बिग बैश। इस साल 14 जनवरी का दिन और मैच मार्वल स्टेडियम (पिछला नाम : एतिहाद स्टेडियम) में मेलबर्न रेनेगेड्स-मेलबर्न स्टार्स के बीच। स्टार्स को जीत के लिए 163 रन बनाने थे। उन के ओपनर बल्लेबाज जो क्लार्क के एक स्किड शॉट से गेंद ऊपर गई, स्टेडियम की छत से टकराई, नीचे गिरी तो भी 30 गज के सर्किल के अंदर पर अंपायर ने 6 का इशारा कर दिया। और देखिए- 15वें ओवर में, ब्यू वेबस्टर के एक शॉट पर भी यही हुआ और इसमें तो गेंद वापस पिच के करीब गिरी- फिर से 6 का इशारा।

इस तमाशे पर बड़ा शोर हो रहा है- जिन शॉट पर कैच लपकना चाहिए था उन्हें 6 घोषित कर दिया। सच ये है कि अंपायर गलत नहीं और स्ट्रोक से छत पर गेंद लगे तो 6 का ये लॉ तो 2012 से चला आ रहा है। अजीब क्रिकेट लॉ पर करें क्या? रेनेगेड्स के कप्तान आरोन फिंच भी उनमें से हैं जिन्होंने इस लॉ की आलोचना की पर मजे की बात ये है कि वे भूल गए कि ये सब उन का ही तो किया-धरा है। ये सब क्या है?

अब चलते हैं असल में उस किस्से पर जिससे ये मसला शुरू हुआ। बीबीएल सीजन 2 यानि कि 2012 का साल और 19 दिसंबर का दिन। मेलबर्न रेनेगेड्स के कप्तान आरोन फिंच ने एतिहाद स्टेडियम (तब इसी स्टेडियम का नाम) में इसी छत ने उनसे एक पक्का 6 छीन लिया था- मैच था होबार्ट हरिकेंस के विरुद्ध। जीत के लिए महज 103 रन बनाने थे और जीत गए- इसलिए 6 रन का नुक्सान भारी नहीं पड़ा पर जो हुआ वह बड़ा अजीब था। उस सीजन में टॉप स्कोरर, फिंच 46* रन पर रहे। रेनेगेड्स की पारी का तीसरा ओवर- फिंच ने पेसर डग बोलिंजर की गेंद पर लेग साइड पर एक जोरदार हिट किया। गेंद बॉउंड्री के बाहर पर इससे पहले कि गेंद नीचे गिरती, लगभग 25 मीटर ऊंची छत की बीम से टकरा गई। इसी से गेंद ग्रैंडस्टैंड के टॉप टियर में नहीं गिरी। इतना बड़ा शॉट पर चूंकि गेंद छत से टकराई इसलिए अंपायरों ने इसे डेड बॉल घोषित कर दिया।

ये इतना बड़ा और जोरदार शॉट था कि विरोधी कप्तान जॉर्ज बेली ने भी कहा कि ये छक्का होना चाहिए था- बीम पर टकराने से पहले चूंकि गेंद बॉउंड्री पार कर चुकी थी। इतना विवाद हुआ कि लॉ बदलना पड़ा और जब भी शॉट से गेंद छत से टकराए तो 6 मिलना शुरू हो गया और वही सिसिला आज तक चला आ रहा है। इस बदलाव का सबसे पहले फिंच ने ही फायदा उठाया और अगले सीजन में स्टार्स के विरुद्ध एक मैच में फिर से छत पर गेंद हिट की।

मेलबर्न में, डॉकलैंड्स प्रेसिंक्ट में विक्टोरिया हार्बर के सामने है ये एतिहाद स्टेडियम जिसका नया नाम मार्वल स्टेडियम है। म्यूजिक कंसर्ट, रग्बी और सॉकर समेत कई खेल खेलते हैं यहां और ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल लीग का होम है। क्रिकेट को, छत वाले स्टेडियम की विविधता देने के लिए यहां क्रिकेट खेलने का सिलसिला शुरू हुआ जो आज तक चला आ रहा है। इस समय मार्वल स्टेडियम, बीबीएल में छत के साथ उपयोग में आने वाला एकमात्र स्टेडियम है। इस स्टेडियम में क्रिकेट को लेकर ये पहला तमाशा नहीं पर सब चल रहा है। जब यहां क्रिकेट खेलने का फैसला लिया था, तब ही सबसे ज्यादा चर्चा इस की छत की हुई थी क्योंकि क्रिकेट में कोई नहीं जानता कि बल्लेबाज के शॉट से गेंद किस तरफ और कितनी ऊंची जाएगी?

लेखक के बारे में

Charanpal Singh Sobti
Charanpal Singh Sobti is a veteran cricket writer with more than five decades of experience covering the game. At Cricketnmore, he brings his extensive knowledge, unique perspective and deep understanding of cricket to readers through insightful news, analysis, historical pieces and fascinating stories from the world of cricket. Read More
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