आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक 2026 सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में सदस्य देशों ने आपसी सहयोग, संवाद, सम्मान और समावेशिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'ब्रिक्स खेल संयुक्त घोषणापत्र' को सर्वसम्मति से अपनाया। बैठक का मुख्य उद्देश्य खेलों के विकास और सदस्य देशों के बीच खेल संबंधों को और मजबूत बनाना था।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न सदस्य देशों के खेल मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सभी प्रतिनिधियों ने खेलों के माध्यम से युवाओं के विकास, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि ब्रिक्स देशों को एक ऐसी खेल साझेदारी विकसित करनी चाहिए जो केवल घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक सहयोग का मजबूत मंच बने। उन्होंने एथलीटों और कोचों के आदान-प्रदान, संयुक्त प्रतियोगिताओं के आयोजन तथा खेल विज्ञान और तकनीकी ज्ञान साझा करने जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही।
मनसुख मंडाविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेल क्षेत्र में बड़े बदलाव ला रहा है। सरकार खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि भारत खेल उपकरण निर्माण क्षेत्र को भी मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके लिए जल्द ही खेल सामग्री निर्माण क्लस्टर को बढ़ावा देने वाली योजना शुरू की जाएगी, जिससे निवेश बढ़ेगा और घरेलू निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने वैश्विक कंपनियों, तकनीकी संस्थानों और निवेशकों को भारत में निवेश करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि "मेक इन इंडिया", "प्ले इन इंडिया" और "ग्रो विद इंडिया" जैसे अभियानों के माध्यम से भारत खेल उद्योग का प्रमुख केंद्र बन सकता है।केंद्रीय मंत्री ने पैरा-खेलों और महिला खिलाड़ियों के विकास पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत खेलों को अधिक समावेशी बनाने के लिए लगातार कदम उठा रहा है ताकि सभी वर्गों को समान अवसर मिल सकें।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान खेल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए तीन प्रमुख पहलों की घोषणा की गई। पहली पहल ब्रिक्स खेल प्रौद्योगिकी वर्किंग ग्रुप है। यह समूह खेल विज्ञान, एथलीट प्रदर्शन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल परिवर्तन, नवाचार और खेल प्रशासन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करेगा। भारत इसमें विशेषज्ञों की मदद भी उपलब्ध कराएगा।
दूसरी पहल ब्रिक्स स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव है। इस प्रस्ताव को सदस्य देशों का व्यापक समर्थन मिला। इसका पहला संस्करण नवंबर 2026 में राजस्थान के उदयपुर में आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस सम्मेलन में खेल उपकरण निर्माण, नई तकनीकों, गुणवत्ता मानकों, व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसमें निर्माता, निर्यातक, निवेशक, स्टार्टअप और शोध संस्थान एक मंच पर आएंगे।
तीसरी पहल ब्रिक्स पारंपरिक और स्वदेशी खेल प्रदर्शन गेम्स 2026 है, जिसका आयोजन 12 और 13 अक्टूबर 2026 को गुजरात के अहमदाबाद में किया जाएगा। इन खेलों का उद्देश्य ब्रिक्स देशों की पारंपरिक और स्थानीय खेल विरासत को प्रदर्शित करना और उसे संरक्षित करना है। यह आयोजन प्रतिस्पर्धा के बजाय सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी समझ को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा।
दूसरी पहल ब्रिक्स स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव है। इस प्रस्ताव को सदस्य देशों का व्यापक समर्थन मिला। इसका पहला संस्करण नवंबर 2026 में राजस्थान के उदयपुर में आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस सम्मेलन में खेल उपकरण निर्माण, नई तकनीकों, गुणवत्ता मानकों, व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसमें निर्माता, निर्यातक, निवेशक, स्टार्टअप और शोध संस्थान एक मंच पर आएंगे।
Also Read: LIVE Cricket Score
बैठक के अंत में सभी सदस्य देशों ने खेलों के माध्यम से सहयोग को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने विश्वास जताया कि ब्रिक्स देशों के बीच यह साझेदारी भविष्य में खेल विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसर पैदा करेगी। यह बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम "मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।