भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने जोरदार पंचों से देश का नाम रोशन किया है। शुक्रवार को भारत की ये बेहद प्रतिभाशाली मुक्केबाज 29 साल की हो जाएंगी। लवलीना के पास अपने 29वें जन्मदिन को बेहद यादगार और स्वर्णिम बनाने का मौका है।
लवलीना बोरगोहेन एशियन गेम्स में हिस्सा लेने के लिए जापान में हैं। वह 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बना चुकी हैं। बुधवार को हुए सेमीफाइनल मुकाबले में लवलीना ने कजाकिस्तान की नतालिया बोगदानोवा को 3-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में जगह बनाने के साथ ही लवलीना इतिहास रच चुकी हैं। वह लगातार दो एशियन गेम्स के फाइनल में जगह बनाने वाली पहली महिला मुक्केबाज हैं। पिछली बार बोरगोहेन को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था।
बोरगोहेन शुक्रवार को फाइनल में चीन की जियी बाओ से भिड़ेंगी। भारतीय समयानुसार यह मुकाबला सुबह 10 बजे से खेला जाएगा। लवलीना के पास इस बार एशियन गेम्स में अपने पदक का रंग बदलने और अपने जन्मदिन को यादगार बनाने का मौका है। अगर वह स्वर्ण पदक जीतती हैं, तो मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की दूसरी महिला मुक्केबाज होंगी।
लवलीना का जन्म 2 अक्टूबर 1997 को बारोमुखिया, गोलाघाट, असम में हुआ था। एक किसान के परिवार से संबंध रखने वाली लवलीना शुरुआत में थाई मार्शल आर्ट्स का प्रशिक्षण लेती थीं, लेकिन 2013 में उन्होंने बॉक्सिंग में करियर बनाने का फैसला किया।
पिछले 13 वर्षों के कठिन परिश्रम के दौरान इस मुक्केबाज ने असफलता का स्वाद चखा है, तो सफलता का जश्न मनाते हुए लोकप्रियता की ऊंचाई भी देखी है। मौजूदा समय में बोरगोहेन भारत की सबसे प्रभावशाली महिला मुक्केबाज हैं।
उपलब्धियों पर गौर करें तो लवलीना ने टोक्यो ओलंपिक 2021 में कांस्य, नई दिल्ली विश्व चैंपियनशिप 2013 में गोल्ड, एशियन गेम्स हांगझोऊ 2023 में सिल्वर, 2022 अम्मान एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड और कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीता है।
पिछले 13 वर्षों के कठिन परिश्रम के दौरान इस मुक्केबाज ने असफलता का स्वाद चखा है, तो सफलता का जश्न मनाते हुए लोकप्रियता की ऊंचाई भी देखी है। मौजूदा समय में बोरगोहेन भारत की सबसे प्रभावशाली महिला मुक्केबाज हैं।
Also Read: LIVE Cricket Score
Article Source: IANS