केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' (केआईटीजी) 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। बुधवार को छत्तीसगढ़ के तीन शहरों में शुरू हुआ यह आयोजन 3 अप्रैल तक चलेगा।

Advertisement

डॉ. मांडविया ने कहा कि 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' (केआईटीजी) 2026 छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक शुरुआत है, क्योंकि अब छत्तीसगढ़ इसका स्थायी मेजबान बन गया है। ये खेल अब हर साल बस्तर, सरगुजा और रायपुर जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि खेल प्रतिभाएं सिर्फ शहरी केंद्रों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों, तटीय इलाकों और देश के दूरदराज के हिस्सों में भी मौजूद हैं।

Advertisement

उन्होंने कहा, "खेल प्रतिभाएं सिर्फ बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं हैं। वे आदिवासी गांवों और देश के अलग-अलग क्षेत्रों में भी खूब पनपती हैं। 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' शुरू करने का मकसद इसी छिपी हुई प्रतिभा को पहचानना और उसे बढ़ावा देना है।"

इस बात पर जोर देते हुए कि खेल सिर्फ पदक जीतने तक ही सीमित नहीं हैं, मंत्री ने कहा कि खेल अनुशासन, संतुलन और जीवन के महत्वपूर्ण सबक सिखाते हैं। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन के अनुरूप है, जिसका मकसद देश में एक मजबूत खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है। उन्होंने आगे बताया कि साई के कोच खेल स्थलों पर मौजूद रहेंगे और 'खेलो इंडिया केंद्रों' और 'उत्कृष्टता केंद्रों' जैसे व्यवस्थित माध्यमों से प्रतिभाओं की खोज करेंगे। चुने गए खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा।

ओलंपियन दीपिका कुमारी जैसी दिग्गज हस्तियों का जिक्र करते हुए मंत्री ने भारत की खेल विरासत में आदिवासी समुदायों के लंबे समय से चले आ रहे योगदान को सराहा। डॉ. मांडविया ने आगे कहा कि केआईटीजी न सिर्फ खेलों को बढ़ावा देगा, बल्कि पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी गति देगा। आने वाले वर्षों में यह आयोजन पूरे देश और दुनिया भर से खिलाड़ियों और दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करेगा।

पारदर्शिता और सुशासन के महत्व को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा कि 'खेल प्रशासन विधेयक' और आगामी 'खेलो भारत नीति' जैसे सुधारों का मकसद चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाना, सभी को शामिल करना और महिलाओं तथा आदिवासी खिलाड़ियों को अधिक अवसर प्रदान करना है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदर्शन हमेशा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए और चयन प्रक्रियाएं निष्पक्ष, पारदर्शी तथा निगरानी के दायरे में होनी चाहिए।

Advertisement

ओलंपियन दीपिका कुमारी जैसी दिग्गज हस्तियों का जिक्र करते हुए मंत्री ने भारत की खेल विरासत में आदिवासी समुदायों के लंबे समय से चले आ रहे योगदान को सराहा। डॉ. मांडविया ने आगे कहा कि केआईटीजी न सिर्फ खेलों को बढ़ावा देगा, बल्कि पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी गति देगा। आने वाले वर्षों में यह आयोजन पूरे देश और दुनिया भर से खिलाड़ियों और दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करेगा।

Also Read: LIVE Cricket Score

डॉ. मांडविया ने 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने और तब तक वैश्विक खेल रैंकिंग में टॉप-10 में जगह बनाने की भारत की आकांक्षा को दोहराया। इसके साथ ही उन्होंने 2047 तक दुनिया के शीर्ष पांच खेल राष्ट्रों में शामिल होने का लक्ष्य भी रखा।

Article Source: IANS

लेखक के बारे में

IANS News
IANS is one of the largest independent private Indian news agency in India. Founded in the year 1986 by Indian American publisher Gopal Raju as the "India Abroad News Service" and later renamed. Their main offices are located in Noida, Uttar Pradesh. Read More
ताजा क्रिकेट समाचार