भारतीय टीम का एशियन कप का अभियान क्वार्टर फाइनल में हार के साथ समाप्त हो गया। सोमवार को चीन के खिलाफ हुए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम को 0-3 से हार का सामना करना पड़ा था। इस हार की वजह से भारतीय टीम फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप में जगह बनाने से चूक गई। हेड कोच पामेला कोंटी ने कहा कि हार के बावजूद टीम के प्रदर्शन पर गर्व है।
हेड कोच पामेला कोंटी ने कहा, "चीन हमसे बेहतर था। उनके पास ज्यादा ताकत थी। वे जीत के हकदार थे, लेकिन जिस बात से मुझे सबसे ज्यादा निराशा हुई, वह यह है कि हमने 45वें मिनट में और फिर 90वें मिनट में गोल खाए। मैंने खिलाड़ियों को याद दिलाया था कि हर हाफ के आखिरी मिनटों में ध्यान केंद्रित रखें। इस समय एकाग्रता सबसे कम होती है।"
हालांकि चीन से हार के बावजूद कोंटी ने भारतीय टीम की तारीफ की। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमें इन खिलाड़ियों पर गर्व होना चाहिए। निजी तौर पर, मुझे इस टूर्नामेंट पर बहुत गर्व है। हमने चार सेमी-फाइनलिस्ट (ऑस्ट्रेलिया, जापान और चीन) टीमों में से तीन के खिलाफ खेला, जिसमें चीन भी शामिल था। इस टूर्नामेंट का अनुभव मेरे लिए बहुत ही खूबसूरत रहा।"
उन्होंने कहा, "मैच के बाद ड्रेसिंग रूम में मैंने उनसे यही कहा कि अब उन्हें पता चल गया है कि एशिया में किस स्तर का खेल होता है और यहां मुकाबला करने के लिए क्या करना पड़ता है। उन्हें लगातार बहुत कड़ी मेहनत करते रहना चाहिए, क्योंकि कड़ी मेहनत के अलावा सफलता का कोई दूसरा रास्ता नहीं है।"
कॉन्टी ने कहा, "हर साल उन्हें एशिया की बेहतरीन टीमों के खिलाफ़ खेलने का मौका मिलेगा। यह बहुत ही युवा टीम है, और इनके पास देने के लिए बहुत कुछ है। लेकिन सबसे अहम बात यह है कि अब वे यहां के खेल के स्तर को समझ गए हैं।"
एआईएफएफ के हवाले सेंटर बैक खिलाड़ी अभिस्ता बसनेत ने कहा, "मेरे लिए बोलना मुश्किल है। हमें इस नतीजे की उम्मीद नहीं थी। हम एक अलग सोच के साथ मैच में उतरे थे, लेकिन ऐसा कभी-कभी ऐसा ही होता है। मुझे इस बात की खुशी और गर्व है कि हमने पूरे टूर्नामेंट में कैसा प्रदर्शन किया और एक टीम के तौर पर हमने कितनी एकता दिखाई। यह दुख की बात है कि हम अपने सपने से बस एक कदम दूर रह गए, लेकिन मुझे इस टीम के प्रदर्शन पर सच में बहुत गर्व है।"
15 साल की अभिस्ता ने कहा, "यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इतने सालों के बाद, हम एशियन कप के क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाने वाली पहली टीम बन गए हैं। हमने लंबे समय तक एक साथ मिलकर मेहनत की है। हमारा आपसी रिश्ता अब एक परिवार जैसा हो गया है। अब हम अपने अगले सफर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आगे इससे भी बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद रखते हैं।"
एआईएफएफ के हवाले सेंटर बैक खिलाड़ी अभिस्ता बसनेत ने कहा, "मेरे लिए बोलना मुश्किल है। हमें इस नतीजे की उम्मीद नहीं थी। हम एक अलग सोच के साथ मैच में उतरे थे, लेकिन ऐसा कभी-कभी ऐसा ही होता है। मुझे इस बात की खुशी और गर्व है कि हमने पूरे टूर्नामेंट में कैसा प्रदर्शन किया और एक टीम के तौर पर हमने कितनी एकता दिखाई। यह दुख की बात है कि हम अपने सपने से बस एक कदम दूर रह गए, लेकिन मुझे इस टीम के प्रदर्शन पर सच में बहुत गर्व है।"
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भारत 21 साल के लंबे अंतराल के बाद एएफसी अंडर-17 महिला एशियन कप में वापस लौटा था। भारतीय टीम ने ग्रुप के अपने आखिरी मैच में लेबनान को 4-0 से हराकर क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई थी। भारतीय टीम फीफा अंडर-17 विश्व कप खेलने के सपने से सिर्फ एक जीत दूर रह गई।