West Indies: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में 15,000 रन पूरे करने के ऐतिहासिक मुकाम के बाद कहा कि उन्होंने कभी व्यक्तिगत उपलब्धियों को अपना लक्ष्य नहीं बनाया। उनके लिए हमेशा टीम की जरूरत के मुताबिक खेलना सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है। कोहली ने यह भी कहा कि अपने करियर के इस पड़ाव पर वह खुद का "नया वर्जन" तैयार करने की चुनौती का आनंद ले रहे हैं।
37 वर्षीय विराट कोहली ने ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन की शानदार पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का 55वां शतक था। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। इसी दौरान कोहली वनडे क्रिकेट में 15,000 रन पूरे करने वाले सचिन तेंदुलकर के बाद दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए और सबसे तेज इस आंकड़े तक पहुंचने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
मैच के बाद प्रसारक से बातचीत में कोहली ने कहा, "मेरा ध्यान कभी इन माइलस्टोन पर नहीं रहा। मेरा फोकस हमेशा यही रहता है कि टीम की जरूरत के हिसाब से अपना काम करूं। उपलब्धियां अपने आप आती रहती हैं। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली और ईश्वर का आभारी मानता हूं कि इतने लंबे समय तक भारत के लिए खेलने का अवसर मिला।"