भारत के पूर्व बल्लेबाज अंशुमन गायकवाड़ की गिनती भारत के सबसे साहसी बल्लेबाजों में की जाती है। अंशुमन ने 1970-80 के दौर में वेस्टइंडीज के उन खतरनाक तेज गेंदबाजों का डटकर सामना किया, जिनके खिलाफ बल्लेबाज विकेट से ज्यादा अपना शरीर बचाने की कोशिश करते थे।
अंशुमन गायकवाड़ का जन्म 23 सितंबर 1952 को मुंबई में हुआ था। अंशुमन को क्रिकेट का खेल विरासत में मिला। उनके पिता दत्ताजीराव गायकवाड़ भी भारत की ओर से क्रिकेट खेल चुके थे और उन्होंने कप्तान की जिम्मेदारी भी निभाई थी। 1952 से 1961 के बीच में उनके पिता ने भारत के लिए 11 टेस्ट मैच खेले थे। यही वजह रही कि अंशुमन को इस खेल की बारीकियां सीखने में ज्यादा दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के बूते अंशुमन को साल 1975 में भारतीय क्रिकेट टीम की ओर से डेब्यू करने का मौका मिला।
वेस्टइंडीज के खिलाफ ईडन गार्डन्स के मैदान पर करियर के पहले टेस्ट मैच में अंशुमन ने दोनों पारियों को मिलाकर 40 रन बनाए। मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के तौर पर टीम इंडिया में आए अंशुमन ने जल्द ही सलामी बल्लेबाज की जिम्मेदारी संभाल ली। वह सुनील गावस्कर के साथ पारी का आगाज करने लगे। गावस्कर एक छोर से रन बनाते थे, तो अंशुमन क्रीज पर खूंटा गाड़कर खड़े रहते थे।