एशियन गेम्स 2026 में जय मीणा ने इतिहास रच दिया है। उन्होने पुरुषों के सॉफ्ट टेनिस में भारत के लिए पहला मेडल जीता है। हालांकि, सेमीफाइनल में उन्हें जापान के ताकुया कुरोसाका से 2-4 से हार का सामना करना पड़ा।
सेमीफाइनल में हार के बावजूद वह ब्रॉन्ज मेडल को अपने नाम करने में सफल रहे हैं। मीणा ने क्वार्टर फाइनल में शेरविन नुगुइट के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस में भारत का पहला मेडल पक्का किया था। उस मैच में वे आखिरी गेम में पीछे चल रहे थे, लेकिन फिर वापसी करते हुए लगातार चार प्वाइंट जीते और क्वार्टर फाइनल 4-3 से जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां वे कुरोसाका से हार गए और ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल के साथ अपना सफर खत्म किया।
सॉफ्ट टेनिस में मीणा का सफर एक दिलचस्प संयोग से शुरू हुआ। शुरुआत में उनकी रुचि क्रिकेट में थी और वे क्रिकेटर बनना चाहते थे। मगर जब उन्होंने देवास के पायनियर पब्लिक स्कूल में दाखिला लिया, तो वहां बने सॉफ्ट टेनिस कोर्ट ने उनका ध्यान खींचा। पहले वे खिलाड़ियों को खेलते हुए देखते थे और बाद में बॉल बॉय के रूप में मदद करने लगे।