भारत की टीम 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में पहले टी20 इंटरनेशनल के साथ अपने न्यूजीलैंड टूर की शुरुआत करेगी। ये सीरीज रन और विकेट के अकाउंट से कहीं ज्यादा खास है- मेजबान टीम के लिए यह एक कमर्शियल और साथ ही इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे मजबूत टीम में से एक के तौर पर अपनी बढ़ती साख को और मजबूत करने का मौका जबकि भारत के लिए, दुनिया भर में क्रिकेट में सबसे मुश्किल हालात में खेलने और आने वाले वर्ल्ड कप से पहले खुद को परखने का मौका।
लगभग 6 हफ्ते का टूर, कुल 12 इंटरनेशनल मैच (5-5 टी20 एवं वनडे इंटरनेशनल और दो टेस्ट) और इस तरह मैच की गिनती के हिसाब से ये न्यूजीलैंड क्रिकेट में सबसे बड़ा घरेलू इंटरनेशनल टूर है, जिसमें क्राइस्टचर्च, वेलिंगटन, ऑकलैंड, हैमिल्टन और टौरंगा में मैच खेले जाएंगे।
यह टूर भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों के 100 साल पूरे होने के जश्न के मौके से भी जुड़ा है। ये सम्बंध 1926 में भारतीय सेना की हॉकी टीम के न्यूजीलैंड टूर से बने थे। क्रिकेट की बात करें तो न्यूजीलैंड के साथ भारत के रिश्तों का इतिहास बड़ा दिलचस्प रहा है। 1967-68 में पहली बार न्यूजीलैंड टूर पर गए थे और भारतीय क्रिकेट के लिए ये बड़ा खास साबित हुआ। मंसूर अली खान पटौदी की टीम ने 4 टेस्ट की सीरीज 3-1 से जीती थी और ये भारत की विदेश में पहली टेस्ट सीरीज जीत थी।