आशिमा अहलावत: 12वीं में 98.6 प्रतिशत अंक से एशियन गेम्स 2026 तक का सफर (आशिमा अहलावत: 12वीं में 98.6 प्रतिशत अंक से एशियन गेम्स 2026 तक का सफर)
रोहतक की आशिमा अहलावत का एशियन गेम्स तक का सफर घर में हुई एक शर्त से शुरू हुआ था। शर्त यह थी कि पहले पढ़ाई में उम्दा प्रदर्शन करना होगा, तभी उन्हें निशानेबाजी को गंभीरता से अपनाने की आजादी मिलेगी। 18 साल की उम्र में आशिमा ने यह वादा पूरा करते हुए 12वीं बोर्ड परीक्षा में 98.6 प्रतिशत अंक हासिल किए। अब, चार साल बाद, 22 वर्षीय निशानेबाज आइची-नागोया 2026 एशियन गेम्स में डेब्यू के लिए तैयार हैं।
आशिमा अहलावत कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में भारत के प्रदर्शन से प्रेरित हुईं। शुरू में उन्होंने पिस्टल शूटिंग चुनी, लेकिन बाद में शॉटगन इवेंट्स की ओर रुख किया।
आशिमा अहलावत ने उस पल को याद करते हुए कहा, "उस मंच पर मनु भाकर और हीना सिद्धू को देखकर, मुझे याद है कि मैंने सोचा था - मैं भी कभी वैसा ही महसूस करना चाहती हूं।"