केनबरा, 11 मई (Cricketnmore): क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) की ओर से बल्लेबाज फिलिप ह्यूज की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए कराई गई एक स्वतंत्र पड़ताल में यह बात सामने आई है कि अगर नवीनतम सुरक्षा उपकरण होते तो भी ह्यूज को इस हादसे से बचाया नहीं जा सकता था। हालांकि, इसमें यह भी पाया गया है कि नए उपायों के जरिए भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है।

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एक न्यूज एजेंसी के अनुसार, 27 नवंबर 2014 को न्यू साउथ वेल्स के खिलाफ सिडनी क्रिकेट मैदान पर साउथ आस्ट्रेलिया की ओर से एक घरेलू मैच में बल्लेबाज करने के दौरान गर्दन के पिछले हिस्से में चोट लगने के कारण ह्यूज का निधन हुआ था और हैरान सीए ने इस मामले की समीक्षा का आदेश दिया था।

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इस जांच-पड़ताल से मिली सिफारिशों को बुधवार को सार्वजनिक रूप से जारी किया गया। निष्कर्ष में यह बात सामने आई है कि ह्यूज के निधन के बाद खिलाड़ी जिस तरह का सुरक्षा कवच पहन रहे हैं, वह भी ह्यूज को इस हादसे से नहीं बचा सकता था।

इस समीक्षा में भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के क्रम में कई उपाय भी सुझाए गए हैं।

सीए के मुख्य कार्यकारी जेम्स सदरलैंड ने कहा कि फिलिप के निधन की तहकीकात महत्वपूर्ण थी, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

सदरलैंड ने बुधवार को संवाददाताओं को बताया, "हम सब पर उस दिन के हादसे को समझने का बड़ा दायित्व था, ताकि इस तरह की घटनाएं आगे टाली जा सकें।"

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62 पृष्ठों की रिपोर्ट में सूचीबद्ध सिफारिशों में 'मस्तिष्काघात विकल्प' (कन्कशन सब्सिट्यूट) के रूप में मध्यम और तेज गति के गेंदबाजों के सामने खेलने के दौरान क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए उच्चकोटि का हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जाना शामिल है। इसके साथ ही करीब से फील्डिंग करने वाले खिलाड़ियों (स्लिप को छोड़कर बाकी विकेट के सात मीटर के दायरे में तैनात फील्डर) के लिए भी ऐसा ही हेलमेट अनिवार्य करने की बात कही गई है।

सदरलैंड ने कहा कि हमने 'कन्कशन सब्सिट्यूट' के बारे में सुझाव दिया है। लेकिन, क्रिकेट की आधारभूत बात यह है कि इसमें 11 खिलाड़ी होते हैं और यह हमारे लिए एक चुनौती है।"

उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि स्वास्थ्य टीम इस मामले में (कन्कशन सब्सिट्यूट मामले में) अंतिम फैसला ले। लेकिन, नए नियम सिर्फ स्वास्थ्य और सुरक्षा का मुद्दा नहीं है। इसमें खेल की बुनियादी बातें और यह आज तक (बीते सौ सालों से) कैसे खेला जाता रहा है, भी शामिल है।"

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उन्होंने कहा, "अगर सिफारिशें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने के लिए सही हैं तो हम निश्चित ही इसे क्रिकेट समुदाय के पास भेजेंगे।"

एजेंसी

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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