भारत ने रविवार (13 सितंबर) को दुबई में खेले गए महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार खिताब अपने नाम किया। हालांकि, टीम की इस शानदार जीत के बाद भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ (Kranti Gaud) पर आईसीसी ने कार्रवाई की है।
क्रांति गौड़ पर उनकी मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है और साथ ही उन्हें एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया है। आईसीसी ने उन्हें लेवल-1 के अपराध का दोषी पाया है। यह घटना श्रीलंका की 184 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पारी के शुरुआती ओवर में हुई थी।
दरअसल, श्रीलंका की पारी के पहले ही ओवर में क्रांति गौड़ ने इमेशा दुलानी को आउट कर दिया था। विकेट लेने के बाद भारतीय गेंदबाज ने बल्लेबाज को पवेलियन की तरफ जाने का इशारा दिया था। आईसीसी ने इस इशारे को ऐसा व्यवहार माना, जो बल्लेबाज को उकसाने या उसके खिलाफ अपमानजनक संकेत देने की श्रेणी में आता है।
क्रांति गौड़ का यह व्यवहार आईसीसी आचार संहिता (ICC Code of Conduct) के आर्टिकल 2.5 के तहत आता है। यह नियम किसी बल्लेबाज के आउट होने के बाद ऐसे शब्दों, हरकतों या इशारों से जुड़ा है, जो उसके प्रति अपमानजनक हों या उसे आक्रामक प्रतिक्रिया के लिए उकसा सकते हों।
क्रांति गौड़ ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और मैच रेफरी सुप्रिया रानी दास की ओर से प्रस्तावित सजा को भी मान लिया। इसलिए इस मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
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भारतीय गेंदबाज के लिए राहत की बात यह है कि पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला अपराध है। ऐसे में उन्हें किसी बड़ी सजा का सामना नहीं करना पड़ा और सिर्फ 10 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना तथा एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया है।
आपको बता दें कि आईसीसी के नियमों के मुताबिक लेवल-1 के अपराध सबसे कम गंभीर श्रेणी में आते हैं। इन मामलों में खिलाड़ी को आधिकारिक चेतावनी से लेकर मैच फीस के 50 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। अपराध की प्रकृति के आधार पर खिलाड़ी के खाते में एक या दो डिमेरिट पॉइंट भी जोड़े जा सकते हैं।