टीम इंडिया के स्पिनर कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) के लिए बीते कुछ महीने किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे हैं। टीम इंडिया से बाहर होना, बीसीसीआई के सालाना कॉन्ट्रेक्ट की लिस्ट से बाहर होना और आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स की प्लेइंग इलेवन में जगह ना बना पाना। 26 साल के स्पिनर के लिए लिए राह काफी मुश्किल रही है यही वजह है कि उन्होंने पिछले छह महीनों में केवल एक टेस्ट और दो वनडे खेले हैं।

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द इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत के दौरान कुलदीप यादव ने दिल खोलकर बातचीत की है। कुलदीप यादव से जब पूछा गया कि क्या आपकी लाइफ में ऐसा भी कोई समय आया जब आपने खुद पर संदेह करना शुरू कर दिया हो? इस सवाल का जवाब देते हुए कुलदीप यादव ने कहा मैंने कभी-कभी ऐसा महसूस किया है।

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कुलदीप यादव ने कहा, ' कभी-कभी मुझे लगा कि क्या चल रहा है? यह कठिन समय है। कभी-कभी, मन कहता है, अब शयद वो कुलदीप नहीं रहा। कभी-कभी मुझे लगता है नहीं, मैं अभी भी वही हूं। और मैं मौके का इंतजार करने लगता हूं। ऐसे दिन भी थे जब आपके लिए बेंच पर होना अच्छा होता है और ऐसा लगता है कि यार यह तो बेस्ट सीट है। और फिर कुछ ऐसे दिन होते हैं जब आप उस जगह पर नहीं रहना चाहते हैं।'

कुलदीप यादव ने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि मुझे वहां खेलना चाहिए था। मैंने हर बार खुद को प्रेरित करने की कोशिश की है। मैं खुश रहने की कोशिश करता हूं और महसूस करता हूं कि मैं अच्छी गेंदबाजी कर रहा हूं। कहीं न कहीं आत्म-संदेह था। यह सभी के साथ होता है, मैंने खुद से सवाल करना शुरू कर दिया है।'

कुलदीप ने कहा, 'मैंने इस बात पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया था कि अन्य लोग मेरे बारे में क्या कह रहे हैं। मेरे मन में संदेह पैदा हो गया था जो नहीं होना चाहिए था। मैंने अपने कोच कपिल पांडे और टीम के गेंदबाजी कोच भरत अरुण से भी बातचीत की है। एक बात जो सभी ने कहा है कि आप केवल प्रक्रिया का पालन करते रहें और सब कुछ ठीक हो जाएगा।'

लेखक के बारे में

Prabhat Sharma
Prabhat Sharma - A cricket Analyst and Cricket fan. Worked with Jansatta (The Indian Express Group), Times Now Hindi Digital Team, Zee Media in the past. One can reach him at +91 - 8765180685 Read More
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