भारतीय खेल और वैश्विक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के तौर पर, पहली 'वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप' (डब्ल्यूवायसी) 2026 का नई दिल्ली में आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया गया। यह चैंपियनशिप योगासन को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में समर्पित है। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मांडविया ने मंगलवार को महासंघ के पदाधिकारियों की उपस्थिति में इसका अनावरण किया।

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गुजरात के अहमदाबाद में 4 से 8 जून तक पहली वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। इस चैंपियनशिप के दौरान 12 स्पर्धाओं में 75 देशों के 500 से अधिक प्रतिभागियों के भाग लेने की उम्मीद है। इन देशों में युगांडा, जाम्बिया, श्रीलंका, नेपाल, केन्या, जापान, ओमान, मॉरीशस और नीदरलैंड शामिल हैं। यह आयोजन योगासन को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त खेल के रूप में बढ़ावा देने की दिशा में भारत के साहसिक प्रयास का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य इसे ओलंपिक गेम्स में भी स्थान दिलाना है।

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आधिकारिक अनावरण समारोह के दौरान चैंपियनशिप के लोगो, ट्रॉफी, आधिकारिक जर्सी और 'वीर' नामक शेर मैस्कॉट को भी लॉन्च किया गया। चैंपियनशिप की पहचान खेल उत्कृष्टता, वैश्विक एकता, युवा आकांक्षाओं और खेल एवं वेलनेस में भारत के नेतृत्व को दर्शाती है। यह भारत की विरासत और विकसित भारत की सोच का संगम है।

लॉन्च के अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने दुनिया को योग का उपहार दिया है और अब देश योगासन को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रतिस्पर्धात्मक खेल के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप हमारे युवाओं, हमारी संस्कृति और उभरते वैश्विक खेलों में भारत की भूमिका को दर्शाती है। यह चैंपियनशिप हमारे खेल के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मैं सभी देशों का भारत में स्वागत करता हूं। मुझे विश्वास है कि यह चैंपियनशिप योगासन खेल अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी।"

भारत की ओलंपिक गेम्स 2036 की मेजबानी की बोली का उल्लेख करते हुए डॉ. मांडविया ने कहा, "जिस देश में योग का उद्गम हुआ, वह 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है। उसी के अनुरूप हम भी विश्व मंच पर पहली बार योगासन को ओलंपिक खेल के रूप में स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।"

योगासन भारत के अध्यक्ष उदित शेठ ने कहा, "योगासन में दुनिया के लिए भारत का एक बड़ा खेल योगदान बनने की क्षमता है। यह सिर्फ एक चैंपियनशिप नहीं, बल्कि भारत से शुरू हुआ एक वैश्विक खेल अभियान है, जिसे आधुनिक शिक्षण, स्कोरिंग और ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। अहमदाबाद में विभिन्न देशों के खिलाड़ी और अधिकारी एक साथ आएंगे और यह आयोजन भारत की प्राचीन परंपरा को आधुनिक खेल दुनिया तक पहुंचाने में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। हम सभी टीमों और खिलाड़ियों का भारत में स्वागत करते हैं।"

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विश्व योगासन एवं योगासन भारत के महासचिव डॉ. जयदीप आर्य ने कहा, "मेरा फोकस सभी 5 महाद्वीपों से मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करने पर रहा है। 60 से अधिक देश इस अभियान से जुड़ रहे हैं और उत्साह लगातार बढ़ रहा है। खिलाड़ियों, संस्थानों और राष्ट्रीय महासंघों में काफी उत्साह है। वर्तमान में हम टीमों, तकनीकी अधिकारियों और नेतृत्व संरचनाओं के प्रशिक्षण और विकास पर काम कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ चैंपियनशिप आयोजित करना नहीं, बल्कि योगासन को भारत की प्राचीन परंपरा से जुड़ा एक खेल अनुशासन बनाना है, जो आधुनिक खेल मानकों के अनुरूप हो।"

एशियन योगासन के अध्यक्ष और विश्व योगासन तथा योगासन भारत के उपाध्यक्ष डॉ. संजय मालपानी ने कहा, "एशिया और दुनिया के अन्य हिस्सों में योगासन तेजी से युवा खिलाड़ियों के लिए एक नए और रोमांचक खेल के रूप में उभर रहा है। यह चैंपियनशिप नई पीढ़ी को योगासन को केवल वेलनेस नहीं, बल्कि खेल, प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के रूप में देखने के लिए प्रेरित करेगी। मुझे विश्वास है कि यह चैंपियनशिप दुनिया के हर देश में योगासन खेल को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।"

विश्व योगासन की सचिव एकता बौडरलीक ने कहा, "कई लोग पूछते हैं कि योगासन एक प्रतिस्पर्धात्मक खेल कैसे बन सकता है, लेकिन यदि हम दुनिया भर के युवाओं को योग को जीवनभर अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं, तो खेल ही उसका रास्ता है। आईसीसीआर, राजनयिक समुदाय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क्स के साथ लगातार संवाद के माध्यम से हम योगासन को एक ऐसे अनुशासन के रूप में देख रहे हैं जो बचपन से संतुलन, एकाग्रता, धैर्य, चरित्र और सही मूल्यों को विकसित करता है।"

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एशियन योगासन के अध्यक्ष और विश्व योगासन तथा योगासन भारत के उपाध्यक्ष डॉ. संजय मालपानी ने कहा, "एशिया और दुनिया के अन्य हिस्सों में योगासन तेजी से युवा खिलाड़ियों के लिए एक नए और रोमांचक खेल के रूप में उभर रहा है। यह चैंपियनशिप नई पीढ़ी को योगासन को केवल वेलनेस नहीं, बल्कि खेल, प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के रूप में देखने के लिए प्रेरित करेगी। मुझे विश्वास है कि यह चैंपियनशिप दुनिया के हर देश में योगासन खेल को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।"

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चैंपियनशिप में पारंपरिक योगासन, आर्टिस्टिक योगासन, रिदमिक पेयर्स और टीम इवेंट्स जैसी कई प्रतियोगिताएं होंगी। खिलाड़ी जूनियर, यूथ और एलीट वर्गों में अंतरराष्ट्रीय नियमों और जजिंग सिस्टम के तहत प्रतिस्पर्धा करेंगे।

Article Source: IANS

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