कोरोनावायरस महामारी ने ना सिर्फ आम लोगों की बल्कि क्रिकेटर्स की ज़िंदगी पर भी बहुत बुरा असर डाला है। अब आलम ये है कि क्रिकेटर्स को बायो बबल में रहने के अलावा खुद को मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखने का चैलेंज है। इंग्लैंड के लिए रवाना होने से पहले भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने भी इस बारे में खुलकर चर्चा की है।

Advertisement

ऐसे में अब जिस तरह से क्रिकेट खेला जा रहा है और अगर हम सिर्फ भारतीय टीम की ही बात करें, तो टीम इंडिया इंग्लैंड के एक लंबे दौरे पर गई है जहां पर पहले विराट की टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलेगी और उसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी लेकिन इसी बीच जुलाई में दूसरी टीम इंडिया श्रीलंका के दौरे पर जाएगी जहां पर तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी। 

Advertisement

ऐसे में इस समय ये बात भी उठनी शुरू हो गई है कि क्या खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए आने वाले कुछ समय के लिए लगातार हमें दो भारतीय टीमें लगातार खेलती हुई नजर आ सकती हैं। इसकी शुरुआत तो हमें श्रीलंका के खिलाफ सीरीज से होती हुई दिख रही है लेकिन क्या ये एक लंबे समय के लिए रहने वाला है, ये एक सवाल अब भी फैंस के मन में बना हुआ है।

वहीं, विराट ने भी एक बयान में कहा था, 'मौजूदा ढांचे के साथ, खिलाड़ियों के लिए प्रेरित रहना बहुत मुश्किल है... एक क्षेत्र में सीमित रहना। मानसिक स्वास्थ्य तस्वीर में आ जाएगा। ऐसी कोई जगह नहीं है जहां आप खेल से अलग हो सकें।'

ज़ाहिर है कि विराट कोहली खिलाड़ियों के स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं करना चाहेंगे। ऐसे में हमें जब तक इस बायो बबल के अंदर रहकर क्रिकेट खेलना है, तब तक शायद दो भारतीय टीमें एक साथ खेलती हुई नजर आ सकती हैं क्योंकि भारत के पास कई स्टार खिलाड़ियों का एक बहुत बड़ा पूल है और ऐसा करने में कोई गलती भी नहीं है।

लेखक के बारे में

Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
ताजा क्रिकेट समाचार