सौरभ शर्मा


2 मार्च 2014 को एशिया कप में पाकिस्तान और इंडिया के मुकाबले में बहुत ही अनोखे आकड़े देखने को मिले। इंडिया और पाकिस्तान के बीच हुए इस मैच में जो हुआ वैसा ही 1986 में शारजहा में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले में हुआ था। दोनों मैच की अधिकतर बातें एक जैसी ही थी लेकिन यह पहली बार नहीं था जब ऐसा हुआ हो, क्रिकेट और कोइंसिडेंस यानी इत्तिफाक का रिश्ता  इतना पुराना है और ये सिलसिला इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरूआत से ही चला आ रहा है। पहले हम आपको बताते हैं कि 2 मार्च को इंडिया पाकिस्तान के मैच में क्या इत्तिफाक हुआ था। 

1985-86 (शारजाह में भारत और पाकिस्तान का मैच       एशिया कप 2014- 2 मार्च 2014 
मैच का वैन्यू न्यूट्रल था                                               मैच का वैन्यू न्यूट्रल था
पाकिस्तान ने फील्डिंग करने का फैसला किया।                पाकिस्तान ने फील्डिंग करने का फैसला किया।
इंडिया ने 245 रन बनाए ।                                            इंडिया ने 245 रन बनाए
ओपनर के. श्रीकांत ने 2 सिक्स मारे थे                           ओपनर रोहित शर्मा ने 2 सिक्स मारे
3 इंडियन बैट्समैन ने ङाफी पचास
मारी।                        3 इंडियन बैट्समैन ने  पचास मारी।
पाकिस्तान के दो खिलाड़ी रन आउट हुए।                        पाकिस्तान के दो खिलाड़ी रन आउट हुए।
नंबर 10 के बल्लेबाज जुलकरनैन को चेतन शर्मा ने आखिरी ओवर की पहली बॉल पर 0 पर आउट किया था।   नंबर 10 के बल्लेबाज सइद अजमल को आर अश्विन ने आखिरी ओवर की पहली बॉल पर 0 पर आउट किय। 
11वें नंबर के बैट्समैन तौसीफ ने आखिरी ओवर में रन लेकर स्ट्राइक मिंयादाद को दी थी।    

11वें नंबर के बैट्समैन जुनैद खान ने आखिरी ओवर में रन लेकर स्ट्राइक शाहिद अफरीदी को दी थी। 

चेतन शर्मा ने 3 विकेट लिए थे और मैच आखिरी ओवर किया था।     आर. अश्विन ने 3 विकेट लिए थे और मैच का आखिरी ओवर किया। 

मिंयादाद ने सिक्स मारकर मैच जीताया था और कुल तीन सिक्स मारे थे    शाहिद अफरीदी ने सिक्स मारकर मैच जीताया और कुल 3 सिक्स मारे। 
मैच आखिरी ओवर में जाकर खत्म हुआ था।     मैच आखिरी ओवर में जाकर खत्म हुआ।
पाकिस्तान को एक विकेट से मैच जीता था।    पाकिस्तान एक विकेट से मैच जीता। 
 
ऐसा इत्तिफाक केवल इसी मैच में देखने को नही मिला । ऐसा ही बहुत कुछ पहले भी हो रखा है, जिनके बारे में हम आपको इस स्पेशल रिर्पोट में बता रहें हैं।


1. 1905 के एशेज सीरिज में इंग्लैंड के कप्तान एफ एस जैक्सन और ऑस्ट्रेलिया के कप्तान जॉय डार्लिंग का जन्म एक ही दिन हुआ था । दोनों कप्तानों का जन्म 21 नवंबर 1870 को ही हुआ था। जैक्सन का लक इस सीरिज में काफी अच्छा रहा था और वह सीरिज के पांचों मैंचों में टॉस जीते और बैटिंग और बॉलिंग एवरेज में टॉप भी किया और इंग्लैंड ने सीरिज भी जीती।


2. जब बॉब वुलमर 10 साल के थे तब उन्हें उनके पिता उन्हें एक क्रिकेट मैच दिखाने ले गए थे। उस समय उनके पिता पाकिस्तान में काम किया करते थे । इसी मैच में उन्होंने पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद को 499 के निजी स्कोर पर रनआउट होते देखा था। हनीफ मोहम्मद का यह स्कोर एक रिकॉर्ड था। इसके 35 साल बाद 1994 में जब वेस्टइंडीज के ब्रैन लारा ने एजबैस्टन में वरविकशायर चैपिंयनशिप में डरहम के खिलाफ खेलते हुए नॉट आउट 501 रन की पारी खेलकर हनीफ मोहम्मद के रिकॉर्ड को तोड़ा था, उस समय भी बॉब इस मैच में मौजूद थे।  बॉब वुलमर इस मैच में वारविकशायर के कोच थे। बॉब वुलमर ने इन दोनों रिकॉर्ड्स को बनते और टूटते हुए देखा।


3. मार्च 1877 में मेलबर्न में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए क्रिकेट के इतिहास के पहले टैस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 45 रन से हराया था। इसके 100 साल बाद स्पेशल सेंटेनरी टेस्ट मैच में जो कि मेलबर्न के मैदान पर ही खेला गया था उसमें भी ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 45 रन से हराया था।


4. नवंबर 2013 में साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए एडिलेड टेस्ट मैच की दूसरी पारी में अपने 32वें जन्मदिन के दिन एलविरो पीटरसन जब बल्लेबाजी करने उतरे थे तब उन्होंने सोचा था कि वह अच्छा स्कोर करके अपने जन्मदिन को कुछ खास बनाएंगे ,लेकिन ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज पीटर सिडल ने उन्हें 24 रन के स्कोर पर आउट कर के उनका प्लान खराब कर दिया था।  उसी दिन पीटर सीडल का भी जन्मदिन था जो उस दिन 28 साल के हुए थे। यह ऐसा पहला मौका नहीं था जब ऐसा हुआ था । 4 अप्रैल 1962 को इंडियन स्पिनर बापू नाडकरनी ने वेस्टइंडीज के ओपनर ईस्टन मैकमौरिस को आउट किया था। इस दिन बापू नाडकरनी और ईस्टन मैकमौरिस दोनों का जन्मदिन था। 


5.नवंबर 2011 जिम्बाब्वे और न्यूजीलैंड के बीच बुलावयो टेस्ट में पहली बार ऐसा हुआ था जब दोनों टीमों के कप्तानों का सरनेम एक ही था। न्यूजीलैंड की टीम के कप्तान थे रॉस टेलर और जिम्बाब्वे के कप्तान थे ब्रैडन टेलर थे। 2000 से ज्यादा टेस्ट मैचों में ऐसा पहली बार हुआ था। 


6. 1957 में साउथ अफ्रीका में ऑडट्स्रून डिफैंस औक पोर्ट एलिजाबेथ डिफेंस के बीच खेले गए वार्षिक मैच में राल्फ लिंडसे ने हैट्रिक ली थी। उन्होंने मैसर्स वोग्स, जोन्स और ली ग्रेंज को लगातार तीन गेंदों मे आउट करके हैट्रिक ली थी। इसके 6 साल बाद उसी टीम के खिलाफ लिंडसे ने ये कारनाम दोबारा कर के दिखाया था और उन्होंने उन्हीं तीनों बल्लेबाजों को लगातार तीन गेंदों पर उसी ऑर्डर में आउट कर के हैट्रिक ली थी।


7. बांग्लादेश के अबुल हसन को एक फास्ट बॉलर के तौर पर चुना गया था लेकिन उन्होंने अपने पहले टेस्ट मैच में शतक जमाकर दर्शकों को खुश कर दिया था। उन्होंने 2012 में खुलना टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ नंबर 10 बल्लेबाज के रूप में खेलते हुए 113 रन बनाए थे। इसके बाद उन्होंने गेंदबाजी की और 113 रन ही दिए वो भी बिना कोई विकेट दिए।


8. 2004 में एजबैस्टन में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में एंड्रयू फ्लीनटॉफ ने 167 रन की पारी खेली थी जो उनके करियर के बैस्ट पारी थी। उन्होंने इस पारी के दौरान एक सिक्स मारा था। मैदान में मौजूद 20000 दर्शकों में से वह कैच एंड्रयू फ्लीनटॉफ के पिता कॉलीन फ्लीनटॉफ ने कैच करने की कोशिश की थी ।  लेकिन वो कैच पकड़ने में नाकाम रहे । इंटरनेशनल मैच में एंड्रयू फ्लीनटॉफ की कैच उनके पिता द्वारा ही छोड़ दी गई थी। क्या इत्तिफाक था कि उनका मारा हुआ सिक्स सीधा उनके पिता के हाथ में गया था।


9. इंग्लैंड के क्रिकेटर मार्कुस ट्रैसकोथिक और एलिस्टर कुक का जन्म क्रिसमस के दिन ही हुआ था। (साइमन जोन्स का जन्म भी उसी दिन हुआ था पर वो एलिस्टर कुक के साथ नहीं खेले थे)। 2006 में लॉर्ड्स के मैदान में श्रीलंका के खिलाफ हुए टेस्ट मैच मार्कुस ट्रैसकोथिक और एलिस्टर कुक ने दूसरे विकेट के लिए 127 रन की पार्टनरशिप की थी। जो एक ही दिन पैदा हुए दो बल्लेबाजों द्वारा दूसरे विकेट के लिए की गई दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी थी। इससे पहले एक ही दिन पैदा हुए दो बल्लेबाज विक स्टोलमियर और कैननेथ बाम बाम वीकिस ) ने 1939 में ओवल के मैदान में वेस्टइंडीज की तरफ से इंग्लैंड के खिलाफ 163 रन की साझेदारी की थी।  दोनों का जन्म 24 जनवरी को हुआ था।


10. फरवरी 1986 में वेलिंगटन टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ब्रुस रिड ने अपने कजिन और न्यूजीलैंड के खिलाड़ी जॉन रिड की कैच पकड़कर उन्हें आउट किया था। 2002-03 में एडिलेड टेस्ट मैच में इंग्लैंड के क्रैग वाइट ने ऑस्ट्रेलिया के डैरन लैहमन को आउट किया था जो कि रिश्ते में उनके जीजा लगते थे ।


11. इंडियन ऑफ स्पिनर और कुछ मौकों पर इंडिया के कप्तान रहे गुलाम अहमद ने अपने टेस्ट करियर की शुरूआत 1948 को न्यूर ईयर की शाम को वेस्टइंडीज के खिलाफ कलकत्ता में की थी।  इसके सही 10 साल बाद 1958 में न्यू ईयर की शाम को उनके करियर के आखिरी टेस्ट की शुरूआत हुई थी और वो भी कलकत्ता में वेस्टइंडीज के खिलाफ ही। कुछ ऐसा ही साउथ अफ्रीका के पॉल हैरिस के साथ हुआ जिन्होंने 2 जनवरी 2007 को कैपटाउन में इंडिया के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरूआत की थी।  इसके ठीक 4 साल बाद 2 जनवरी 2011 को कैपटाउन में इंडिया के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। 


12. 2014 के शुरू में एशेज सीरिज के सिडनी टेस्ट के स्कोर कार्ड में एक बड़ी खास बात थी।  ऑस्ट्रेलियन ओपनर डेविन वॉर्नर इस मैच की दोनों पारियों में 16-16 रन बनाए थे। बात केवल इतनी ही नहीं थी इन दोनों पारियों में उन्होंने 20-20 गेंदें खेली थी और इतनी ही नहीं इन दोनों ही पारियों में उन्होंने 3-3 चौके भी मारे थे।  2010 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट मैच में पाकिस्तान के उमर अकमल दोनों पारियों में 49 रन के स्कोर पर ही आउट हो गए थे।  


13.गैरी सोबर्स ने 1968 में स्वानेसा में खेले गए एक काउंटी चैपिंयनशिप मैच में मैलकॉम नैश के खिलाफ 6 गेंदों में 6 छक्के मारे थे। इसके 16 साल बाद रवि शास्त्री ने बोम्बे में बरौदा के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में तिलक राज के खिलाफ 6 गेंदों पर 6 छक्के मारे थे। एक शख्स ऐसा था जो इन दोनों मैचों में मौजूद था। भारत में पैदा हुए पत्रकार डिकी रूतनागुर इन दोनों मैचों में मौजूद थे और दोनों खिलाड़ियों के इस खास रिकॉर्ड के गवाह बने थे


14. 1992 वर्ल्ड कप में मैके के हार्पर पार्क में इंडिया और श्रीलंका के बीच हुए मैच में केवल दो बॉल का खेल ही हो सका था । मैच शुरू हुआ तो लेकिन बारिश के कारण दो बॉल का ही मैच हो पाया। इस मैच में जवागल श्रीनाथ इंडिया की तरफ से खेले थे। जून 2013 में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच ओवल में खेले गए टी-ट्वंटी मैच को भी दो गेंद खेले जाने के बाद रद्द कर दिया गया था।  जवागल श्रीनाथ इस मैच में मैच रैफरी थे।  


15. 1978 में इंग्लैड के पूर्व बल्लेबाज डेविड स्टीले ने 31 पारियों में 38.12 की औसत से 1182 रन बनाए थे। इसके कुछ साल बाद उनके छोटे भाई जॉन स्टीले ने भी 31 पारियों में 38.12 की औसत से 1182 रन ही बनाए थे। 


16. 1956 में एशेज सीरिज के ओल्ड ट्रैफोर्ड टेस्ट मैच में जिम लेकर ने टेस्ट मैच की एक पारी में दस विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया था। उस समय 10 साल का एक बच्चा रिचर्ड स्टोक्स अपने पिता के साथ इस मैच को देखने गया था।  उसने जिम लेकर को 10 विकेट लेते हुए देखा था। इसके 42 साल बाद 1998 में अनिल कुंबले ने दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में एक पारी में 10 विकेट लिए थे। इस मैच में भी रिचर्ड स्टोक्स मौजूद थे। वह उस समय इंडिया में ही काम कर रहे थे। स्टोक्स अकेले ऐसे शख्स हैं जिन्होंने इन दोनों महान क्रिकेटरों को यह रिकॉर्ड बनाते हुए देखा था। 


17. ऑस्टेलिया के पूर्व क्रिकेटर बॉब सिम्पसन ने नवंबर 1960 में ब्रिसबेन में वेस्टइंडीज के खिलाफ ओपनिग की थी और ये मैच ड्रा हुआ था। ये ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किसी टीम का पहला ड्रॉ मैच था। इसके 26 साल बाद 1986-87 में चेन्नई में जब इंडिया के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी बार ड्रा मैच खेला तो उस समय बॉब सिम्पसन ऑस्ट्रेलिया की टीम के कोच थे। 

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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