वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज ब्रायन लारा को क्रिकेट इतिहास के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। लारा ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी से जो कमाल किया वह बेहद ही अद्भुत था। टेस्ट क्रिकेट में पहली बार उनके नाम की सबसे ज्यादा चर्चा तब हुई जब उन्होंने अप्रैल 1994 को एंटीगुआ के रिक्रीऐशन स्टेडियम में अपने हमवतन हरफनमौला खिलाड़ी गैरी सोबर्स (365*) के टेस्ट क्रिकेट में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर के 36 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा था। 

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इसी साल उन्होंने फर्स्ट क्लार्स क्रिकेट में पाकिस्तानी क्रिकेटर हनीफ मोहम्मद (499 रन) द्वारा बनाए गए सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर के रिकॉर्ड को तोड़ा था। वार्विकशायर की तरफ से खेलते हुए लारा ने डरहम के खिलाफ नाबाद 501 रन बनाए थे। लारा के टेस्ट क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर के रिकॉर्ड को 2003 में ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने तोड़ा था। हेडन ने अक्टूबर 2003 में पर्थ के मैदान पर जिम्बाब्वे के खिलाफ 385 रन की पारी खेली थी। लेकिन हेडन के नाम यह खास रिकॉर्ड केवल 185 दिन के लिए ही रह सका। ठीक करीब 10 साल बाद उसी एंटीगुआ रिक्रीऐशन स्टेडियम में इंग्लैंड और मेजबान वेस्टइंडीज आमने-सामने थी। इस मुकाबले में ब्रायन लारा ने नाबाद 400 रन की अविश्वसनीय पारी खेलकर दोबारा इस रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। आइए जानते हैं  क्या हुआ था उस टेस्ट मैच में....

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10 अप्रैल 2004 को एंटीगुआ के सैंट जॉन क्रिकेट स्टेडियम में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड की टीम टेस्ट सीरीज का चौथा और आखिरी टेस्ट मैच खेलने के लिए आमने-सामनें थी। इंग्लैंड के हाथों शुरूआत के तीनों टेस्ट हारकर पहले ही मेजबान टीम सीरीज गंवा चुकी थी। चौथे टेस्ट में वेस्टइंडीज हर हालत में जीत हासिल कर वाइटवॉश से बचना चाहती थी। वेस्टइंडीज के कप्तान थे ब्रायन लारा और इंग्लैंड की कमान माइकल वॉन को सौंपी गई थी। 

लारा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल (68) के अर्धशतक की बदौलत वेस्टइंडीज को ठीक-ठाक शुरूआत मिली। 98 रन के कुल स्कोर पर गेल के रूप में कैरेबियाई टीम को दूसरा झटका लगा जिसके बाद टीम को एक बड़े स्कोर तक ले जाने की जिम्मेदारी कप्तान लारा के कंधों पर आ गई थी । लारा इस से पहले के तीन टेस्ट मैचों में कुल 100 रन बनाए थे जिसमें 36 उनका सर्वोच्च स्कोर रहा था। ऐसे में उनसे बड़ी पारी की उम्मीद बेमानी लग रही थी। 

लंच के बाद मौसम ने मैच में खलल डाला और खेल थोड़ी देर से शुरू हुआ। लारा बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे और ओवर की चौथी हीं गेंद पर विकेटों के पीछे स्टीव हार्मिसन ने कैच आउट की अपील कर डाली। लेकिन अंपायर डैरेल हेयर पर उनकी अपील का कोई फर्क नही पड़ा। रिप्ले ने भी हेयर के फैसले को सही ठहराया था। (आपको यह जानकार हैरानी होगी की इंग्लैंड के खिलाफ 1994 में लारा ने 375 रन की जो रिकॉर्डतोड़ पारी खेली थी उस मैच में भी डैरेल हेयर अंपायर थे)

पहले दिन का खेल खत्म होने तक लारा के 86 रन की बदौलत वेस्टइंडीज ने 2 विकेट के नुकसान पर 208 रन बना लिए थे। दूसरे दिन लारा ने डटकर बल्लेबबाजी करी और इंग्लैंड के गेंदबाजों को खूब धोया। दूसरे दिन इंग्लिश गेंदबाजों ने तीन कैरेबियाई बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा लेकन लारा एक छोर पर चिपके रहे। जब दूसरे दिन का खेल खत्म हुआ तो स्कोर 5 विकेट पर 595 रन था और लारा ने 313 रन बना लिए थे। 
तीसरे दिन लारा रिडले जैकब्स के साथ बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे। जैकब्स ने एक छोर संभाले रखा औऱ नया वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करने में लारा की मदद करी। लंच से ठीक 20 मिनट पहले लारा ने चौका मारकर मैथ्यू हेडन के 385 रन के रिकॉर्ड को तोड़ दिया था। लंच के बाद जब खेल दोबारा शुरू हुआ तो लारा ने अपने 400 रन पूरे किए औऱ टेस्ट क्रिकेट में यह कारनामा करने वाले वह पहले खिलाड़ी बन गए थे।  लारा ने इस अविश्वसनीय आकड़े को छूने के लिए करीब 13 घंटे तक बल्लेबाजी करी जिसमें उन्होंने 582 गेंदों का सामना किया और 43 चौके और 4 छक्के भी जड़े। इंग्लिश खिलाड़ियों ने 127 और 373 रन के निजी स्कोर पर लारा के आउट होने की अपील करी लेकिन किस्मत ने हर कदम पर लारा का साथ दिया।

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इस रिकॉर्ड के दौरा लारा के साथ डटे रहे रिडले जैकब्स ने भी नाबाद 107 रन की पारी खेली। लारा ने जैकब्स के साथ छठे विकेट के लिए 282 रन की पार्टनरशिप करी और 751/5 पर पारी समाप्ति की घोषणा कर दी। 

इंग्लिश गेंदबाजों ने लारा के इस रिकॉर्ड को पूरा करने की राह आसान बना दी थी। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मैथ्यू होगार्ड पेट दर्द के कारण खेल में हिस्सा नहीं ले पाए थे और दूसरी तरफ अंपायर डैरेल हेयर ने स्टीफन हार्मिसन के गेंदबाजी करने पर रोक लगा दी थी क्योंकि वह बार-बार पिच पर दौड़ रहे थे।  जिसके बाद गैरेथ बैटी, मार्कस ट्रेस्कोथिक और कप्तान माइकल वॉन ने एंड्रयू फ्लिंटॉफ साथ मिलकर इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण को संभाला था। 

लारा की इतनी लंबी पारी के कारण बुरी तरह थकी हुई इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 285 रनों पर ही सिमट गई जिसमें फ्लिंटॉफ ने नाबाद 102 रन की पारी खेली थी। पहली पारी में 466 रन पीछे रहने के बाद इंग्लिश टीम फॉलोऑन खेलने उतरी। लेकिन इस बार कैरेबियाई गेंदबाज इंग्लैंड को ऑल आउट करने में नाकाम साबित हुए। कप्तान माइकल वॉन की 140 रन की पारी की बदौल इंग्लैंड 5 विकेट पर 422 रन बनाकर मैच ड्रॉ करने में सफल रही। वेस्टइंडीज वाइट वॉश से बच गया और सीरीज 3-0 से इंग्लैंड के नाम रही। 

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लारा की 400 रन की इस एतेहासिक पारी की कई जगह सराहना की गई तो कई जगह आलोचना भी हुई। खासकर ऑस्ट्रेलिया में लारा की इस पारी की काफी आलोचना की गई और उन्हें “मतलबी” करार दिया गया। ऑस्ट्रेलिया के कई पूर्व खिलाड़ियों ने यहां तक कह डाला कि लारा अच्छे कप्तान नहीं है। शायद यह मैथ्यू हेडन के 385 रन के रिकॉर्ड टूटने का गुस्सा था तो सामनें आ रहा था। 

मैच के बाद लारा ने कहा था कि “मैं बहुत खुश हूं लेकिन सीरीज के परिणाम को लेकर मेरा मन बहुत दुखी है।“


(सौरभ शर्मा)

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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