वर्ल्ड क्रिकेट में अगर स्पिनरों की बात हो और उसमें शेन वॉर्न का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। ऑस्ट्रेलिया जैसी पिचों पर जहां तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है, शेन वॉर्न ने अपने टेस्ट करियर में 708 विकेट चटकाए है। इससे यह पता चलता है कि वॉर्न ने न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया में बल्कि एशिया में भी बल्लेबाजों को अपनी स्पिन पर घूमाया है।
पिच कैसी भी हो, शेन वॉर्न को बस बात से मतलब होता था कि गेंद हवा में लहराए और बल्लेबाजों के गिल्लियां उड़ा दे।
1) जन्म स्थान व पूरा नाम- शेन वॉर्न का जन्म 14 सितंबर साल 1969 को ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया शहर में हुआ हैं। इनका पूरा नाम शेन कीथ वार्न हैं।
2) कुछ खास नहीं रहा था इंटरनेशनल डेब्यू- शेन वॉर्न ने साल 1992 में भारत के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था। मैच में दिग्गज रवि शास्त्री और तब युवा बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने उनकी जम के धुनाई की थी। इस मैच में उन्होंने 150 रन खर्च किए और उनके खाते में केवल एक विकेट आया।
3) 1993 में बनाया था यह रिकॉर्ड- साल 1993 में वॉर्न ने कुल 71 विकेट चटकाए थे। तब ये किसी भी स्पिन गेंदबाज द्वारा बनाया गया एक रिकॉर्ड था।
4) 1999 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया की जीत में अहम भूमिका- शेन वॉर्न साल 1999 में हुए 50-50 क्रिकेट वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट हासिल करने वाले गेंदबाज थे। वॉर्न ने तब उस टूर्नामेंट में 20 विकेट चटकाते हुए ऑस्ट्रेलिया को दोबारा वर्ल्ड चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
5) साल 2003 में वापस भेजा गया घर- वॉर्न क्रिकेट इतिहास के उन खिलाड़ियों में शामिल रहे जो हमेशा विवादों से घीरे रहे। 2003 वर्ल्ड कप में एक मेडिकल टेस्ट के दौरान वार्न को ड्रग एडिक्ट पाया गया जिसके बाद उन्हें साउथ अफ्रीका से वापस अपने घर भेज दिया गया। बाद में ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट बोर्ड ने वॉर्न को ड्रग इस्तेमाल करने के जुर्म में 12 महीने का बैन लगाया।
6) "बॉल ऑफ दी सेंचुरी"- इंग्लैंड के खिलाफ एशेज के दौरान ओवर की पहली गेंद जिस पर वॉर्न को इंग्लिश बल्लेबाज माइक गेटिंग का विकेट हासिल हुआ वो वाकई एक चमत्कारिक गेंद थी। वैसी गेंद डालना सब के बस की बात नहीं और वो किसी करिश्मे से कम नहीं थी।
वार्न के हाथ से निकली वो गेंद पहले तो विकेट के बाहर की तरफ गयी फिर अचानक से अंदर की ओर घूमी और गेटिंग की गिल्लियां बिखेर दी। तब ग्राउंड पर अंपायरिंग करा रहे रिच बेनौड ने कहा कि "गेटिंग को अभी तक पता नहीं चला उनके साथ क्या हुआ और ना कभी चलेगा"।
7) 2011 वर्ल्ड की आश्चर्यजनक भविष्यवाणी- 2011 वर्ल्ड कप में भारत और इंग्लैंड की भिड़ंत से पहले वॉर्न ने भविष्यवाणी की थी मैच ड्रा होगा। दोनों टीमों के बीच मैच का नतीजा ड्रा ही रहा और सुबह इस अखबारों में वॉर्न की चर्चा हर तरफ रही। कुछ लोग तो ये भी कह रहे थे कि वार्न ने मैच फिक्स कराया था।
8) आईपीएल का पहला खिताब - साल 2008 में आईपीएल का पहला संस्करण खेला गया। उस सीजन में वॉर्न राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करा रहे थे। फाइनल मुकाबले में राजस्थान की टीम ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स को हराते हुए खिताब पर कब्जा किया।
9) लगातार 2 साल मिला यह अवार्ड- 1 साल के प्रतिबंध के बाद वार्न ने साल 2004 में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए "विजडन क्रिकेटर ऑफ दी ईयर" का अवार्ड जीत। वॉर्न का ये सिलसिला यही नहीं रुका और साल 2005 में उनको फिर से इस खिताब से नवाजा गया।
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10) शेन वॉर्न का करियर रिकॉर्ड - शेन वॉर्न ने अपने टेस्ट करियर में कुल 145 मैच खेले हैं जिसमें उनके नाम 708 विकेट दर्ज है। इसके अलावा 194 वनडे मैचों में उन्होंने 293 विकेट चटकाने का कारनामा किया है।