जैसा कि हम सभी जानते हैं कि क्रिकेट एक टीम गेम है। इस खेल में हर खिलाड़ी को अपनी टीम के लिए प्रदर्शन करना पड़ता है और अपने साथी खिलाड़ियों का भी साथ देना होता है। इसके विपरीत कई बार ड्रेसिंग रूम में कई खिलाड़ियों के बीच मनमुटाव के चलते कई सारे विवाद देखने को मिलते हैं। ऐसा भी कई बार देखा गया है जब खिलाड़ी एक दूसरे को पसंद नहीं करते हैं।

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तो आइए आज हम ऐसे ही कुछ खिलाड़ियों के बारे में बात करेंगे जिनकी अपने साथी खिलाड़ियों के साथ नहीं बनी और उनका विवाद ड्रेलिंग रूम से भी बाहर आ गया। आलम ये रहा कि इस विवाद ने उनके करियर की अच्छी छवि को भी बर्बाद करके रख दिया।

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क्रुणाल पांड्या और दीपक हुडा

यह हालिया विवादों में से एक है जिसने भारतीय घरेलू क्रिकेट को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया। दीपक हुड्डा पर इस साल की शुरुआत में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के पूरे सीजन के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसका कारण बड़ौदा के कप्तान क्रुणाल पांड्या और हुड्डा के बीच मनमुटाव था।

दीपक के मुताबिक, क्रुणाल पांड्या ने बड़ौदा टीम के साथियों के सामने उन्हें गाली दी। पंजाब किंग्स के मध्य क्रम के बल्लेबाज ने दावा किया कि वह नेट्स में अभ्यास कर रहे थे और तभी क्रुणाल ने उन्हें गाली देनी शुरू कर दी। कथित तौर पर, पांड्या ने दीपक को चेतावनी दी कि वह आने वाले समय में उन्हें बड़ौदा के लिए खेलने नहीं देंगे।

जैसे ही ये चौंकाने वाली घटना सबके सामने आई, तो इस घटना का विरोध इरफान पठान सहित बड़ौदा के पूर्व खिलाड़ियों ने भी किया।

 
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माइकल क्लार्क और साइमन कैटिच

माइकल क्लार्क और साइमन कैटिच उन खिलाड़ियों में से थे जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया को बुलंदियों तक पहुंचाने का काम किया था लेकिन एक समय ऐसा भी आया था जब इन दोनों खिलाड़ियों के बीच मनमुटाव देखने को मिला था और इस खबर ने खूब सुर्खियां बटोरी थी।

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इन दोनों के बीच ड्रेसिंग रूम की लड़ाई 2009 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच के बाद हुई थी। यह वास्तव में एक मैच जीतने के बाद एक छोटे से मुद्दे पर एक मूर्खतापूर्ण लड़ाई थी। पूरी टीम एक गीत गाने वाली थी लेकिन क्लार्क किसी बात से नाराज़ थे और वो अलग खड़े रहे। इस दौरान वो कैटिच से हाथापाई भी कर बैठे। इस घटना ने माइकल हसी सहित वहां मौजूद सभी खिलाड़ियों को आश्चर्यचकित कर दिया। 

केविन पीटरसन और ग्रीम स्वान

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ये उस समय की बात है जब केविन पीटरसन और ग्रीम स्वान इंग्लैंड के अहम खिलाड़ियों में से एक थे। हालांकि, ये बात भी किसी से नहीं छिपी है कि उन्हें हमेशा अहंकार की समस्या थी और वे बहुत सारे क्रिकेटरों के साथ अच्छी तरह से नहीं बैठते थे। उनका ग्रीम स्वान के साथ विवाद 2010 की शुरुआत में सबसे ज्यादा उजागर हुआ था।

स्वान ने खुले तौर पर कहा था कि वो एक-दूसरे को नापसंद करते थे। वे एक-दूसरे को यथासंभव अनदेखा करने की कोशिश भी करते थे। यह भी माना जाता है कि वे जानते थे कि वे दोनों एक टीम के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण थे और यही कारण था कि दोनों जितना हो सके, अपने आप से पहले टीम को आगे रखते थे।

लेखक के बारे में

Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
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