भारत में जिम्नास्टिक्स के क्षेत्र में जिन महिला खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत के दम पर बड़ी सफलता हासिल की है, उनमें प्रणति नायक का नाम काफी लोकप्रिय है। प्रणति नायक ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है।
प्रणति का जन्म 6 अप्रैल 1995 को करकाई, पिंगला, पश्चिम मिदनापुर जिला, पश्चिम बंगाल में हुआ था। नायक ने महज 6 साल की उम्र में जिम्नास्टिक्स की दुनिया में कदम रख दिया था।
उन्होंने 2003 में बेहतर प्रशिक्षण के लिए ओडिशा का रुख किया, जहां उनकी कोच मीनारा बेगम ने न सिर्फ उन्हें ट्रेनिंग दी बल्कि उनके रहने-खाने का खर्च भी उठाया। यह उनके करियर का अहम मोड़ साबित हुआ। धीरे-धीरे उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू की। 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स प्रणति के करियर का पहला सबसे बड़ा इवेंट था। उसी वर्ष उन्होंने एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। शुरुआती दौर में उनके प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन समय के साथ इसमें बड़ा सुधार आया।
2017 एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने ऑल-अराउंड में 14वां स्थान हासिल किया और वॉल्ट तथा बैलेंस बीम फाइनल तक पहुंचकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। इसके बाद, 2018 में मेलबर्न वर्ल्ड कप और कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उन्होंने भाग लिया और अनुभव हासिल किया।
प्रणति के करियर का सबसे बड़ा मुकाम 2019 में आया, जब उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में वॉल्ट इवेंट में कांस्य पदक जीता। वह दीपा कर्माकर और अरुणा रेड्डी के बाद वॉल्ट में अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय जिम्नास्ट बनीं। इसी साल उन्होंने इंडियन ऑल-अराउंड चैंपियनशिप भी जीती। प्रणति ने 2022 और 2025 में भी एशियन चैंपियनशिप में ब्रांज जीता था।
2017 एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने ऑल-अराउंड में 14वां स्थान हासिल किया और वॉल्ट तथा बैलेंस बीम फाइनल तक पहुंचकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। इसके बाद, 2018 में मेलबर्न वर्ल्ड कप और कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उन्होंने भाग लिया और अनुभव हासिल किया।
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सीमित संसाधनों के बावजूद ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर पहुंचना प्रणति की मेहनत और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण को दिखाता है।