जम्मू और कश्मीर क्रिकेट टीम ने 67 साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए आखिरकार अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीत लिया। हुबली में खेला गया रणजी ट्रॉफी फाइनल ड्रॉ रहा लेकिन कर्नाटक के खिलाफ पहली पारी में भारी बढ़ते लेने के चलते जम्मू-कश्मीर ने ट्रॉफी अपने नाम कर ली। जम्मू-कश्मीर की इस जीत में जितना योगदान उनके 41 साल के कप्तान पारस डोगरा का रहा उतना ही उनके हेड कोच अजय शर्मा की लीडरशिप का भी योगदान रहा।
हालांकि, अजय शर्मा इस जीत के बाद अचानक से लाइमलाइट में आ गए हैं क्योंकि उनकी कहानी किसी बॉलीवुड मूवी की कहानी से कम नहीं रही। अगर अजय शर्मा की स्टोरी की तुलना हम चकदे इंडिया मूवी के हीरो कबीर खान से करें तो कोई गलती नहीं होगी क्योंकि उन्होंने भी अपने करियर में उतार-चढ़ाव, लोगों के ताने सुनने के बाद ऐसी वापसी की है जो अब हर किसी को सालों साल याद रहेगी।
अजय शर्मा, जिनका जन्म 3 अप्रैल, 1964 को दिल्ली में हुआ था। शर्मा ने दिल्ली के लिए फ़र्स्ट-क्लास क्रिकेट में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और 67.46 की औसत से 10,000 से ज़्यादा रन बनाए, जिसमें रिकॉर्ड 31 रणजी ट्रॉफी शतक शामिल हैं। उन्होंने 1988 से 1993 तक भारत के लिए एक टेस्ट और 31 ODI भी खेले, जिसमें उन्होंने अपने लेफ्ट-आर्म स्पिन से 15 विकेट लिए और 424 रन भी बनाए। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली के लिए छह रणजी फ़ाइनल खेले और दो बार ट्रॉफी भी जीती।