राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के मैनेजर रोमी भिंडर (Romi Bhinder) पर बीसीसीआई की एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट ने 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और उन्हें चेतावनी दी है। यह कार्रवाई पिछले हफ़्ते गुवाहाटी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ख़िलाफ़ अपनी टीम के इंडियन प्रीमियर लीग मैच के दौरान डगआउट के अंदर मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के लिए की गई है।
बीसीसआई सचिव देवजीत सैकिया ने स्पोर्टस्टार से कहा, “ बीसीसीआई की एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट भिंडर के जवाब (कारण बताओ नोटिस पर) से संतुष्ट नहीं थी। क्योंकि यह उनका पहला उल्लंघन है, इसलिए प्रोटोकॉल के तहत उन पर (1 लाख रुपये का) जुर्माना लगाया गया है और साथ ही उन्हें चेतावनी भी दी गई है, जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि भविष्य में उन्हें ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।"
यह फ़ैसला बीसीसीई द्वारा भिंडर को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए 'कारण बताओ नोटिस' जारी किए जाने के बाद आया।
सैकिया ने आगे कहा, “ खिलाड़ियों और स्टाफ सहित सभी संबंधित पक्षों के लिए नियम स्पष्ट रूप से निर्धारित हैं, और हमें उम्मीद है कि इस घटना को सभी लोग एक निवारक के तौर पर लेंगे।"
इस घटना का फुटेज, जिसमें भिंडर अपने फोन पर बात करते हुए और उनके बगल में वैभव सूर्यवंशी बैठे नजर आ रहे हैं, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। इसके बाद एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट ने इसका संज्ञान लिया।
PMOA प्रोटोकॉल के तहत आईपीएल के आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार, डगआउट क्षेत्र में किसी को भी मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। केवल टीम मैनेजर और मीडिया मैनेजर ही अपने डिवाइस इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन उन्हें भी केवल ड्रेसिंग रूम के अंदर ही ऐसा करने की अनुमति है, डगआउट में नहीं।
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भिंडर पिछले कई सालों से राजस्थान रॉयल्स से जुड़े हुए हैं। 2016 से 2018 के बीच जब फ्रेंचाइजी पर बैन लगा था तब उन्होंने राइजिंग पुणे सुपरजायंट के साथ टीम मैनेजर के तौर पर भी काम किया, और फिर 2018 में बैन हटने के बाद दोबारा राजस्थान के साथ जुड़ गए।