महान क्रिकेटर एमएस धोनी को खेल के इतिहास में सबसे महान कप्तानों में से एक माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहे हुए माही को दो साल से अधिक समय हो गया है लेकिन वो अभी भी आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स की कप्तानी कर रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि धोनी आईपीएल के आगामी सीज़न के बाद अपने शानदार टी 20 करियर पर भी विराम लगा देंगे।

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धोनी की करिश्माई कप्तानी की बात करें तो उनकी कई ऐसी खूबियां हैं जिनसे बाकी कप्तान भी काफी कुछ सीख सकते हैं। भारत के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में रुतुराज गायकवाड़ ने भी उनकी कुछ ऐसी ही खूबियों के बारे में बात की है। गायकवाड़ ने खुलासा करते हुए कहा कि धोनी हारने के बाद भी ज्यादा से ज्यादा सिर्फ 2-3 मिनट की टीम मीटिंग लेते थे।

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चोपड़ा से बात करते हुए गायकवाड़ ने कहा, "सभी खिलाड़ियों ने वास्तव में अच्छा तालमेल बिठाया है। मैच हारने के बाद हर कोई 10-15 मिनट के लिए थोड़ा शांत हो जाता था। लेकिन माही भाई, प्रेजेंटेशन से वापस आने के बाद, हमें कहते थे, 'आराम करो लड़कों, ऐसा होता है।'

आगे बोलते हुए गायकवाड़ ने कहा, "ये सुनने के बाद आप थोड़ा रिलैक्स हो जाते हैं। एमएस धोनी ने मुझे सिखाया कि जब चीजें आपके हिसाब से नहीं चल रही हों तो कैसे न्यूट्रल रहना चाहिए और यहां तक ​​कि जब आप जीत की तरफ हों, तो तब भी न्यूट्रल रहना महत्वपूर्ण है। जीत हो या हार, एमएस धोनी ने सुनिश्चित किया कि टीम का माहौल वैसा ही बना रहे। हां, पिछले सीज़न में निश्चित रूप से बहुत निराशा हुई, लेकिन कोई नकारात्मकता नहीं थी। कोई किसी पर दोष नहीं लगा रहा था। बहुत बार जब आप हारते रहते हैं, तो अलग-अलग ग्रुप बन जाते हैं लेकिन सीएसके में ऐसा नहीं हुआ।"

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Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
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