प्रेमा रावत ने सोमवार को पुणे में सीनियर विमेंस टी20 ट्रॉफी गेम में उत्तराखंड के लिए खेलते हुए हैदराबाद के खिलाफ मात्र 14 गेंदों पर अर्धशतक लगाया। प्रेमा ने अपनी पारी में 6 चौके और 4 छक्के लगाए। यह महिला टी20 का सबसे तेज अर्धशतक है।
प्रेमा रावत ने कहा है कि बल्लेबाजी के दौरान उन्हें नहीं पता था कि उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है।
आईएएनएस से बात करते हुए प्रेमा रावत ने कहा, "प्रेजेंटेशन सेरेमनी में, रेफरी आए और प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड दिया और मुझे बताया कि 14 गेंदों में फिफ्टी बनाना एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। इस तरह सभी टीम मेंबर्स और कोच को पता चला कि यह एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। यह सुनकर मुझे सामान्य लगा। लेकिन हां, मुझे अच्छा लगा कि यह एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है।"
प्रेमा ने इस बड़ी कामयाबी का जश्न सिनेमा हॉल जाकर रजनीकांत की लेटेस्ट तमिल फिल्म ‘जेलर 2’ देखकर मनाया।
रावत ने कहा, "जब वह बल्लेबाजी करने गईं तो उनके दिमाग में कोई बड़ा प्लान नहीं था। मैं सिचुएशन के हिसाब से खेलना चाहती थी। मुझे पता था कि जब मैं खेलने उतरूंगी, तो कुछ ओवर बचे होंगे। इसलिए, मैं टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा रन बनाना चाहती थी। मैं किसी बड़े स्कोर या रिकॉर्ड के बारे में नहीं सोच रही थी। मैं बस हर गेंद पर फोकस कर रही थी और टीम के लिए अपना बेस्ट देने की कोशिश कर रही थी।"
उन्होंने कहा, "मैं बस यह सोच रही थी कि मुझे किस गेंदबाज का सामना करना चाहिए या किस गेंदबाज के खिलाफ मुझे खास तरीके से खेलना चाहिए और किस गेंदबाज के खिलाफ मैं बेहतर खेल सकती हूं। जब मुझे आत्मविश्वास महसूस हुआ, तो मैंने अपना नेचुरल गेम खेलने और जोखिम लेने का फैसला किया।"
राघवी के साथ बल्लेबाजी करने को लेकर प्रेमा ने कहा, "हम एक-दूसरे को प्रेरित कर रहे थे। हमें एक-दूसरे पर भरोसा था। टीम का स्कोर जितना ज्यादा होगा, उन रनों को डिफेंड करना उतना ही आसान होगा।"
उन्होंने कहा, "मुझे लगा कि यह पूरी तरह से बैटिंग पिच थी क्योंकि बॉल बैट पर बहुत अच्छी तरह आ रही थी। मैं अपनी पारी के लिए राघवी को धन्यवाद देना चाहूंगी, क्योंकि उनकी पारी की वजह से ही मैं इतना बड़ा स्कोर बना पाई और वर्ल्ड रिकॉर्ड बना पाई। मैं राघवी की शुक्रगुजार हूं।"
प्रेमा ने कहा, "बल्लेबाजी से गेंदबाजी में आना बहुत आसान था। मैंने चीजों को आसान रखा। मैंने एक बार बैटिंग की और उसे भूल गई क्योंकि मुझे पता था कि मुझे गेंदबाजी करनी है। टीम को मेरी गेंदबाजी की जरूरत थी। इसलिए, मेरा फोकस गेंदबाजी पर था।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगा था कि उनके लिए कोई बड़ा दिन आने वाला है, तो प्रेमा ने किसी भी तरह का अंदाजा होने से मना कर दिया। उनका कहना था कि मेरा बस एक आसान प्लान था। मैं किसी गेम में जाने से पहले ज्यादा सोचना नहीं चाहती। मैंने अपने क्रिकेट के सफर में यह अनुभव किया है कि जब मैं अच्छा करने के बारे में बहुत सोचती हूं, तो उसका विपरीत होता है। अब मैं ज्यादा नहीं सोचती। मैं अब प्लान के मुताबिक बल्लेबाजी या गेंदबाजी करना चाहती हूं।
प्रेमा ने टी20 विश्व कप 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उन्हें इंजर्ड श्रेयांका पाटिल की जगह टीम में शामिल किया गया था।
उन्होंने कहा, "सभी खिलाड़ियों का यह सपना होता है। मुझे वह मौका मिला। उस मौके के लिए सच में शुक्रगुजार हूं। उस स्तर पर, क्रिकेट कुछ अलग होता है। कॉम्पिटिशन बहुत कड़ा होता है। मैंने वहां हर पल का मजा लिया है।"
इंडिया की तरफ से प्रेमा के लिए सबसे खास पल एशिया कप ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान के खिलाफ आया, जहां उन्होंने दुबई में 9 रन देकर 3 विकेट लिया।
इस बारे में प्रेमा ने कहा, "वह अनुभव मेरे लिए बहुत खास था क्योंकि हर कोई इंटरनेशनल क्रिकेट खेलना चाहता है। वह भी, अगर आप पाकिस्तान के खिलाफ इतना अच्छा परफॉर्म करते हैं, क्योंकि पाकिस्तान के खिलाफ खेलना हमेशा एक बड़ा मौका होता है। इसलिए, दबाव होता है और था। मेरा मानना है कि यह मेरे लिए एक सकारात्मक दबाव था। यह मुझे हर बार ऊर्जा दे रहा था। मेरा योजना बस गेंद को अच्छी लेंथ और लाइन पर हिट करने और खुद पर भरोसा करने की थी। मुझे अच्छा लगा कि मैं टीम की जीत में योगदान दे पाई।"
श्री चरणी पर प्रेमा ने कहा, "वह दुनिया की नंबर 1 टी20 गेंदबाज हैं। मेरा उनके साथ अच्छा बॉन्ड है। हम मैदान पर या मैदान के बाहर की चीजें एक दूसरे के साथ साझा करते हैं।"
अपने बढ़ते करियर ग्राफ पर प्रेमा ने कहा, "इंडिया ए मेरे लिए एक बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट था। वहां से, मुझे आत्मविश्वास मिला कि मैं ऊंचे लेवल पर भी खेल सकती हूं। मैं अपनी मानसिकता बदल सकती हूं और स्थिति का विश्लेषण कर सकती हूं। मैं अपने प्लान बी या प्लान सी पर काम कर सकती हूं। मुझे पता चला कि मुझे अपने खेल के किस क्षेत्र में सुधार करना है। उसके बाद, मैंने और मेहनत की।"
प्रेमा विमेंस प्रीमियर लीग 2026 का खिताब जीतने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) टीम का हिस्सा थीं। आरसीबी ने प्रेमा अगले सीजन के लिए रिटेन किया है।
रावत ने कहा, "मुझे रिटेन करने के लिए आरसीबी का धन्यवाद। मेरा रोल वही होगा जो मैं यहां और इंडियन टीम में कर रही हूं। अगर मुझे प्लेइंग इलेवन में शामिल होने का मौका मिलता है तो आरसीबी में भी मेरा वही रोल होगा। मैंने आरसीबी में रहकर बहुत कुछ सीखा है। मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। अलग-अलग स्थितियों को हैंडल करने की सीख मिली है। यह एक बड़ी फ्रेंचाइजी है और इसका बहुत बड़ा फैन बेस है।"
उन्होंने कहा, आरसीबी में रहते हुए मैंने कई अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया है और उनकी कड़ी मेहनत, डिसिप्लिन और दबाव झेलनी की क्षमता के बारे में जाना है। वहां का माहौल बहुत सकारात्मक है। हर कोई एक-दूसरे का समर्थन करता है।"
प्रेमा ने कहा कि उनकी 14 गेंद पर लगाई फिफ्टी से घर वाले भी खुश हैं और गर्व महसूस कर रहे हैं। घर वाले कभी-कभी सरकारी नौकरी करने की सलाह देते हैं, लेकिन फिलहाल मेरे लिए क्रिकेट जरूरी है।
प्रेमा ने टेलीविजन पर गेम खेलने का मौका और पहचान मिलने का श्रेय विमेंस उत्तराखंड प्रीमियर लीग (यूपीएल) को भी दिया।
उन्होंने कहा, "यह बहुत जरूरी है क्योंकि जहां तक मुझे पता है, स्टेट टी20 लीग में मिले मौकों की वजह से मुझे वहां से कई लोगों ने नोटिस किया। इसने मुझे अपना टैलेंट दिखाने और लोगों की नजरों में आने के लिए एक अच्छा मंच दिया। इसके लिए
मैं विमेंस यूपीएल के लिए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को धन्यवाद देना चाहूंगी। लीग में खेलने से मुझे अपने गेम को बेहतर ढंग से समझने और बड़े मौकों के लिए तैयार होने में मदद मिली। इस लीग से आने वाले युवा खिलाड़ी बहुत अच्छे हैं और उन्हें अपना टैलेंट दिखाने और लोगों की नजरों में आने का मौका मिलता है।"
प्रेमा ने कहा कि उत्तराखंड की पूर्व कोच अनघा देशपांडे का हम पर बहुत बड़ा असर है। उन्होंने हम पर बहुत काम किया है और अलग-अलग तरीकों से हमें आगे बढ़ाने में मदद की।
मैं विमेंस यूपीएल के लिए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को धन्यवाद देना चाहूंगी। लीग में खेलने से मुझे अपने गेम को बेहतर ढंग से समझने और बड़े मौकों के लिए तैयार होने में मदद मिली। इस लीग से आने वाले युवा खिलाड़ी बहुत अच्छे हैं और उन्हें अपना टैलेंट दिखाने और लोगों की नजरों में आने का मौका मिलता है।"
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Article Source: IANS