Shubman Gill Double Century: भारत और वेस्टइंडीज के बीच बुधवार (30 सितंबर) को गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में शुभमन गिल ने इतिहास रच दिया। भारतीय कप्तान ने वेस्टइंडीज के 406 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए ऐसी तूफानी पारी खेली, जिसने वनडे क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में उनका नाम दर्ज करा दिया।
गिल ने अपनी इस पारी में 133 गेंदों पर 223 रन बनाए। उनकी पारी में 26 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। इस दौरान उन्होंने वनडे क्रिकेट में अपना दूसरा दोहरा शतक पूरा किया और एक के बाद एक कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।
वनडे इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक
गिल की इस पारी की सबसे बड़ी उपलब्धि उनका दोहरा शतक रहा। भारतीय कप्तान ने महज 117 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया, जिसके साथ ही उन्होंने वनडे क्रिकेट में सबसे तेज डबल सेंचुरी लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत के ही युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन के नाम था। ईशान ने 10 दिसंबर 2022 को बांग्लादेश के खिलाफ 126 गेंदों में दोहरा शतक लगाया था। अब गिल ने उनसे 9 गेंद कम में 200 रन पूरे करके यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
रन चेज में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी
शुभमन गिल ने रन चेज में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल के नाम था। मैक्सवेल ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान के खिलाफ नाबाद 201 रन की पारी खेली थी। गिल ने 202 रन का आंकड़ा पार करते ही मैक्सवेल को पीछे छोड़ दिया।
गिल ने इस दौरान भारत के लिए वनडे रन चेज में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड भी तोड़ा। इससे पहले यह रिकॉर्ड एमएस धोनी के नाम था, जिन्होंने 183 रन की पारी खेली थी। गिल ने अपनी 223 रन की पारी के साथ धोनी का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।
वनडे में दूसरी बार दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाज
गिल ने इस मुकाबले में अपने वनडे करियर का दूसरा दोहरा शतक पूरा किया। इसके साथ ही वह एक से ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की खास लिस्ट में शामिल हो गए हैं। गिल से पहले सिर्फ रोहित शर्मा ही वनडे में एक से ज्यादा दोहरे शतक लगा पाए थे। रोहित के नाम वनडे क्रिकेट में कुल तीन दोहरे शतक हैं। अब गिल इस खास उपलब्धि को हासिल करने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं।
गिल का वेस्टइंडीज के खिलाफ लगाया गया यह दोहरा शतक वनडे क्रिकेट इतिहास का 13वां दोहरा शतक रहा।