भारत की महिला क्रिकेट में पहली बार विश्व खिताब की तलाश आखिरकार रविवार को समाप्त हो गई, जब उन्होंने यहां जेबी मार्क्‍स ओवल में इंग्लैंड को सात विकेट से हराकर पहले आईसीसी अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप का खिताब जीत लिया।

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2005 में 50 ओवर में भारत द्वारा पहली बार विश्व कप के फाइनल में जगह बनाने के लगभग 18 साल बाद, शेफाली की टीम ने शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के साथ-साथ इंग्लैंड को सिर्फ 68 रन पर ऑलआउट करने के लिए शानदार फिल्डिंग भी किया।

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भारत ने शानदार फिल्डिंग के कारण ऑस्ट्रेलिया को मैच में कहीं भी टिकने नहीं दिया। तीतस ने पारी की चौथी गेंद पर लिबर्टी हीप पवेलियन भेज कर भारत को पहली सफलता दिलाई। तीतस और अर्चना ने चीजों को चुस्त-दुरुस्त रखने के अलावा, भारत अपनी ग्राउंड फील्डिंग में भी तेजी दिखाई।

निआह हॉलैंड ने चौथे ओवर में स्क्वायर लेग के माध्यम से अर्चना को बाउंड्री लगाई। लेकिन अगली ही गेंद पर निआह स्कूप करने के चक्कर में आउट हो गईं।

ओवर की आखिरी गेंद पर अर्चना ने कप्तान ग्रेस स्क्रिवेंस को कैच आउट कराकर इंग्लैंड को एक और तगड़ा झटका दिया। अगर विकेटकीपर ऋचा घोष पांचवें ओवर में तीतस की गेंद पर शून्य पर रेयाना मैकडोनाल्ड गे का कैच नहीं छोड़तीं तो भारत पावरप्ले में अपना चौथा विकेट हासिल कर सकता था, लेकिन दाएं हाथ की इस तेज गेंदबाज ने सातवें ओवर में इनस्विंगर से सेरेन स्मेल को आउट कर वापसी की।

इसके बाद भारत की गेंदबाजों ने इंग्लैंड की बल्लेबाजों को सांस लेने का समय नहीं दिया और आखिर में 17.1 ओवर में 68 रनों पर ढेर कर दिया। शुक्रवार को सेमीफाइनल में इस्तेमाल की गई पिच पर तेज गेंदबाज तीतस साधु, ऑफ स्पिनर अर्चना देवी और लेग स्पिनर पार्शवी चोपड़ा अपनी लाइन और लेंथ से दो-दो विकेट लेने में सफल रहीं। भारत की ओर से प्रभावशाली गेंदबाजी प्रदर्शन में कप्तान शेफाली वर्मा, बाए हाथ की स्पिनर मन्नत कश्यप और सोनम यादव ने एक-एक विकेट लिया।

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इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरीं कप्तान शेफाली वर्मा ने हन्ना बेकर की गेंद पर चौका मारकर शुरुआत की। इससे पहले सोफिया स्मेल को लॉन्ग ऑफ पर अगले ओवर में एक छक्का लगाया। लेकिन तीसरे ओवर में हन्ना की गेंद पर शेफाली (15) कैच आउट हो गईं। श्वेता सहरावत ने चौथे ओवर में ग्रेस स्क्रिवेंस की ओवरपिच डिलीवरी पर अपना पहला चौका लगाया। लेकिन अगली ही गेंद पर कैच आउट होकर पवेलियन लौट गईं।

इसके बाद भारत की गेंदबाजों ने इंग्लैंड की बल्लेबाजों को सांस लेने का समय नहीं दिया और आखिर में 17.1 ओवर में 68 रनों पर ढेर कर दिया। शुक्रवार को सेमीफाइनल में इस्तेमाल की गई पिच पर तेज गेंदबाज तीतस साधु, ऑफ स्पिनर अर्चना देवी और लेग स्पिनर पार्शवी चोपड़ा अपनी लाइन और लेंथ से दो-दो विकेट लेने में सफल रहीं। भारत की ओर से प्रभावशाली गेंदबाजी प्रदर्शन में कप्तान शेफाली वर्मा, बाए हाथ की स्पिनर मन्नत कश्यप और सोनम यादव ने एक-एक विकेट लिया।

जब अगले ओवर में जोसी ग्रोव्स की गेंद को सौम्या ने चौके लिए भेजा, दूसरी ओर, तृषा ने 12वें ओवर में ऐली एंडरसन को फ्रंट फुट और बैक फुट पर स्क्वायर लेग के जरिए बैक-टू-बैक बाउंड्री के लिए पुल किया। इसके बाद तृषा (24) मैच जल्द खत्म करने के चक्कर में एलेक्सा की गेंद पर बोल्ड हो गईं। लेकिन सौम्या ने विनिंग शॉट लगाकर भारत को महिला क्रिकेट में अपनी पहली वैश्विक ट्रॉफी दिलाई।

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