गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में, भारत-साउथ अफ्रीका दूसरा टी20 इंटरनेशनल, आउट फील्ड में एक सांप नजर आने से कुछ मिनट रुका तो इस नज़ारे की चर्चा पूरी क्रिकेट की दुनिया में हुई। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की अखबारों ने मैच की रिपोर्ट तो 2-3 लाइन की लिखी, सांप वाला किस्सा कई लाइन में लिख दिया। ग्राउंड स्टाफ का एक लाठी और एक बाल्टी के साथ इसे पकड़ने का नजारा खूब चर्चा में रहा। जिस खूबी से उसे पकड़ा, उसकी भी चर्चा हुई- ऐसा लग रहा था कि ग्राउंड स्टाफ सांप के लिए तैयार था। 

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वैसे स्टेडियम स्टाफ या गुवाहाटी को जानने वालों के लिए ये कितनी बड़ी घटना है, इसका अंदाजा असम क्रिकेट एसोसिएशन के एक सीनियर ऑफिशियल की स्टेटमेंट से लगाया जा सकता है- ऐसा लगता है, सांप भी मैच का मजा ले रहा था और खिलाड़ियों को करीब से देखना चाहता था। उनके लिए मैच के बीच, आउटफील्ड में, सांप नजर आना कोई बड़ी घटना नहीं था। इसके बावजूद एसोसिएशन ने सांप पकड़ने वाले पेशेवर का कोई इंतजाम नहीं किया था। वैसे किसी ने भी ये जानने की कोशिश नहीं की कि जिस सांप को पकड़ा- उसका क्या हुआ? 

और देखिए : भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कुछ दिन पहले खेला गया, तीसरा टी20 इंटरनेशनल (हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में) टिकट की बिक्री के घोटाले के कारण खूब चर्चा में रहा पर मैच सही तरह से हो जाए इसके लिए पुलिस ने इंतजाम में कोई कमी नहीं रखी थी। साइबर क्राइम, एसएचई टीम, ऑक्टोपस, टीएसएसपी, एआर और अन्य यूनिट के 2,500 पुलिस स्टाफ को तैनात किया था तो साथ में सांप पकड़ने वालों को भी ड्यूटी पर लगाया था- क्योंकि पिछले सालों में मैचों की कमी के कारण स्टेडियम के चारों ओर की झाड़ियां बड़ी हो गई हैं। कोई सांप मैच के दौरान नजर नहीं आया इसलिए ये बात कहीं चर्चा में नहीं आई।  

भारत में क्रिकेट और सांप का आपसी रिश्ता बड़ा पुराना है और रणजी ट्रॉफी मैचों के दौरान ग्राउंड में सांप नजर आना कोई बड़ी अनोखी घटना नहीं। अच्छा है- एक भी मिसाल ऐसी नहीं जिसमें सांप ने कोई नुकसान पहुंचाया। ये 2019 और 2020 के आसपास की बात है- तब तो मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) ने अपने बीकेसी ग्राउंड में ड्यूटी के लिए दो पेशेवर सांप पकड़ने वालों को नौकरी पर रख लिया था। उन दिनों, वहां के ग्राउंड कॉम्प्लेक्स में सांप नजर आना एक आम बात थी। क्लब के अधिकारियों ने ये भी जांच कराई कि अचानक ये सांप कहां से आ रहे हैं तो पता चला कि आस-पास चल रहे मेट्रो के काम में जो जमीन खोदी जा रही है, वह इसके लिए जिम्मेदार है। 

एक बड़ा मजेदार और अनोखा किस्सा 1999 का है- दिल्ली के  फ़िरोज़शाह कोटला स्टेडियम का। तब पाकिस्तान की टीम को भारत आना था। टीम के आने से पहले ही, शिव सेना की तरफ से सीरीज का विरोध शुरू हो गया था। टेस्ट रोकने के लिए, फिरोजशाह कोटला स्टेडियम की पिच खोद दी। मुंबई में भी टेस्ट मैच का विरोध हुआ और आखिर इसे रद्द कर दिया था। इसके बावजूद, बीसीसीआई और सरकार ने तय कर लिया कि दिल्ली टेस्ट खेलेंगे।  

पुलिस इंतजाम बढ़ा दिया ताकि स्टेडियम को कोई नुकसान न पहुंचाया जा सके। इस पर, क्या आप जानते हैं कि शिव सेना ने क्या धमकी दी- मैच के दौरान जहरीले सांपों को आउटफील्ड में छोड़ देंगे! बीसीसीआई ने एहतियात बरतते हुए स्टेडियम के अंदर दिल्ली के 21 सबसे बेहतर सपेरों के एक ग्रुप को भी ड्यूटी पर लगा दिया। सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। आखिरकार ये टेस्ट हुआ- ये वही टेस्ट है जिसमें दूसरी पारी में भारतीय स्पिनर अनिल कुंबले ने रिकॉर्ड 10 विकेट लिए और टेस्ट उनके इस प्रदर्शन के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है।

संयोग से उन्हीं दिनों में, भारत-पाकिस्तान हॉकी सीरीज भी खेली गई थी और पहला मैच दिल्ली में था। उस मैच के लिए भी ड्यूटी पर थे पेशेवर सांप पकड़ने वाले। दिल्ली पुलिस ने हॉकी और क्रिकेट टेस्ट को इस डर से बचाया कि कहीं लोग ग्राउंड पर सांप न फेंक दें।
 

लेखक के बारे में

Charanpal Singh Sobti
Charanpal Singh Sobti is a veteran cricket writer with more than five decades of experience covering the game. At Cricketnmore, he brings his extensive knowledge, unique perspective and deep understanding of cricket to readers through insightful news, analysis, historical pieces and fascinating stories from the world of cricket. Read More
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