इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच मैच के दौरान रियान पराग वेपिंग करते हुए नजर आए और उनकी वीडियो वायरल होते ही ये विवाद चर्चा का विषय बन चुका है। फैंस ने इसके संभावित कानूनी नतीजों पर भी एक बड़ी बहस शुरू कर दी है। खबरों के मुताबिक, ये घटना तब हुई जब राजस्थान रॉयल्स लक्ष्य का पीछा कर रही थी और कैमरे कुछ देर के लिए ड्रेसिंग रूम की ओर घूमे।
वायरल फुटेज में पराग को वेप पकड़े और उसका इस्तेमाल करते हुए देखा गया, जिससे ऑनलाइन तुरंत तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। फैंस और आलोचकों ने इतने बड़े मैच के दौरान इस तरह के व्यवहार की औचित्य पर सवाल उठाए हैं। क्रिकेट के नज़रिए से देखें तो, इस घटना के कारण IPL के नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
लीग की आचार संहिता उन व्यवहारों के लिए दंड का प्रावधान करती है जिनसे खेल की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच सकती है। चूंकि ड्रेसिंग रूम और स्टेडियम परिसर को आमतौर पर 'धूम्रपान-मुक्त क्षेत्र' घोषित किया जाता है, इसलिए यदि ये कृत्य साबित हो जाता है, तो इसे आंतरिक दिशानिर्देशों का उल्लंघन भी माना जा सकता है, जिसके परिणामस्वरूप जुर्माना या अन्य प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
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कानूनी पहलू इस मुद्दे को और भी गंभीर बना देता है। 'इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019' के तहत, पूरे भारत में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगा हुआ है। ये कानून इनके उत्पादन, बिक्री, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाता है और इसका उल्लंघन करने पर जुर्माना तथा कारावास सहित कई तरह के दंड का प्रावधान है। पहली बार अपराध करने वालों को एक साल तक की जेल या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है, जबकि बार-बार उल्लंघन करने पर और भी कड़ी सज़ा दी जाती है। कुछ विशेष परिस्थितियों में, केवल अपने पास ई-सिगरेट रखने पर भी दंड का सामना करना पड़ सकता है।