India's Four Test Captains in the 1958-59 Series vs West Indies: 95 सालों के भारतीय टेस्ट इतिहास में 38 खिलाड़ियों ने टीम की कप्तानी की है। इनमें आधे से कम कप्तान ऐसे हैं, जिन्होंने दस या उससे ज्यादा मैच में भारतीय टेस्ट टीम की कमान संभाली है। लेकिन क्या आपको पता कि एक टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम के चार अलग-अलग कप्तान रहे थे। यह वह दौर था जब भारतीय क्रिकेट में कप्तानी किसी स्थायी पद की तरह नहीं, बल्कि लगातार बदलती जिम्मेदारी की तरह दिखाई देती थी।

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एक सीरीज,चार कप्तान

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साल 1958-59 में वेस्टइंडीज़ भारत दौरे पर आई। मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में पहले टेस्ट के लिए नियमित कप्तान गुलाम अहमद चोट के कारण सिलेक्शन के लिए उपलब्ध नहीं थे। इसलिए पहले टेस्ट में पॉली उमरीगर को कप्तान बनाया गया।

दूसरे (कानपुर) और तीसरे टेस्ट (कोलकाता) के लिए गुलाम अहमद फिट होकर लौटे और फिर से कप्तान बने। लेकिन उनकी कप्तानी में भारत को लगातार दो बड़ी हार का सामना करना पड़ा। उस समय वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी अपने स्वर्णिम दौर में थी। गैरी सोबर्स, रोहन कन्हाई और बैज़िल बुचर जैसे बल्लेबाज़ भारतीय गेंदबाजों पर बहुत भारी पड़ रहे थे।

कानपुर टेस्ट में लेग स्पिनर सुभाष गुप्ते ने पहली पारी में नौ विकेट लेकर वेस्ट इंडीज़ को सिर्फ 222 रन पर समेट दिया था, लेकिन इसके बावजूद भारत मैच नहीं जीत सका। लगातार दो हार से निराश गुलाम अहमद ने बीच सीरीज में तीसरे टेस्ट मैच के बाद संन्यास ले लिया।

कप्तानी पर विवाद

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इसके बाद चौथे टेस्ट के लिए एक बार फिर पॉली उमरीगर को कप्तान बनाया गया। लेकिन टीम सिलेक्शन को लेकर बोर्ड से विवाद होने पर उन्होंने मैच शुरू होने से पहले ही कप्तानी छोड़ दी। उमरगीर चाहते थे कि चेन्नई में होने वाले चौथे टेस्ट में टीम में एक अतिरिक्त बल्लेबाज खेले लेकिन बोर्ड ऑफ स्पिनर जासू पटेल को टीम में शामिल करना चाहता था।

इसके बाद चौथे टेस्ट के लिएकप्तानी वीनू मांकड़ को सौंपी गई। मजेदार बात ये रही की टॉस के लिए वे बिना किसी औपचारिक घोषणा के मैदान पर चले गए, जिससे दर्शक भी हैरान रह गए और जिस अतिरिक्त बल्लेबाज एजी. कृपाल सिंह को लेकर विवाद हुआ था, वही टीम में शामिल हुए और पहली पारी में 53 रन बनाए।

अब कौन बनेगा कप्तान ?

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चेन्नई टेस्ट की पहली पारी में बल्लेबाजी के दौरान मांकड़ चोटिल हो गए और दूसरी पारी में मैदान पर नहीं उतरे, जिसके बाद सिलेक्टर्स के सामने सवाल था की दिल्ली मे होने वाले पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच में कौन कप्तानी करेगा।

दिल्ली टेस्ट में कप्तानी के लिए सिलेक्टर्स की पहली पसंद थी ऑलराउंडर जी. एस. रामचंद, जिन्होंने चेन्नई टेस्ट में 30 रन की पारी खेली थी। लेकिन उनको कप्तान और प्लेइंग इलेवन में जगह ना मिलने की मजेदार कहानी है।

कहानी के मुताबिक, बोर्ड का एक अधिकारी मद्रास सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रामचंद को कप्तान बनाए जाने की खबर देने दौड़ा, लेकिन जब तक वह पहुंचा, ट्रेन प्लेटफ़ॉर्म छोड़ चुकी थी। कहा जाता है कि इसी वजह से रामचंद ना केवल कप्तानी से करने से चूके बल्कि उन्हें पांचवें टेस्ट के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह भी नहीं मिली। बता दें कि आगे चलकर इन . एस. रामचंद की कप्तानी में ही भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने टेस्ट इतिहास की पहली जीत दर्ज की थी।

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सेना के ड्यूटी के बीच हेमू अधिकारी की एंट्री

सब सवाल था कौन करेगा भारतीय टीम की कप्तान। आखिरकार सिलेक्टर्स ने 39 साल हेमू अधिकारी को चुना। सबसे हैरानी की बात यह थी कि उन्होंने इस सीरीज़ का एक भी टेस्ट नहीं खेला था। उस समय वे भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में सेवा दे रहे थे, और उनकी पोस्टिंग थी धर्मशाला में।

हेमू अधिकारी को अचानक दिल्ली में होने वाले अंतिम टेस्ट के लिए कप्तान नियुक्त किया गया और वह 500 किलोमीटर का सफर कर इस मुकाबले के लिए आए। उन्होंने टीम को संभाला और भारत को सम्मानजनक ड्रॉ दिलाया। इस मैच में चंदू बोर्डे ने दोनों पारियों में 109 और 96 रन बनाए, जबकि कप्तान हेमू अधिकारी ने 63 और 40 रन बनाने के साथ तीन महत्वपूर्ण विकेट भी लिए।

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विडंबना यह रही कि इतनी अच्छी कप्तानी के बावजूद हेमू अधिकारी को इसके तुरंत बाद इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली, वहीं जी एस. रामचंद भी उस दौरे के लिए नहीं चुना गया। इंग्लैंड के उस दौरे के लिए भारत की कप्तानी दत्तू गायकवाड़ ने संभाली।

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
Saurabh Sharma is the Editorial Head of Cricketnmore Hindi and a passionate cricket journalist with over 14 years of experience in sports media. He began his journalism career with Navbharat Times, part of the Times of India Group, before moving to television media with Sadhna News. In 2014, he joined Cricketnmore and currently serves as the editor of the platform.
Known for his deep understanding of cricket statistics and unique storytelling approach, Saurabh specializes in cricket news, match analysis, records, and feature stories. Along with editorial responsibilities, he also works as a show producer for popular cricket video series such as Cricket Tales, Cricket Flashback, and Cricket Trivia. Read More
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