टेस्ट क्रिकेट को क्रिकेट का सर्वोत्तम फॉर्मेट माना जाता है। 5 दिन और 4 पारियों में खेला जाना वाला यह फॉर्मेट हर खिलाड़ी को उसकी प्रतिभा और क्षमता दिखाने का समय देता है, चाहे वह गेंदबाज हो या बल्लेबाज। टेस्ट में खिलाड़ियों की प्रतिभा के साथ ही उनके धैर्य और खेल के प्रति संकल्प की परीक्षा भी होती है। इस कसौटी पर खरा नहीं उतरने वाले टेस्ट क्रिकेट में सफल नहीं हो सकते।
टेस्ट क्रिकेट का इतिहास बहुत पुराना है। पहला आधिकारिक टेस्ट 15 से 19 मार्च 1877 को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया था। यह मैच टेस्ट क्रिकेट के उस महान परंपरा की एक शुरुआत थी जो टी20 फॉर्मेट के दौर में भी बेहद रोमांचक बना हुआ है।
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला गया था। मैच में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान डेव ग्रेगरी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। सलामी बल्लेबाज चार्ल्स बैनरमैन को छोड़कर अन्य कोई भी बल्लेबाज इंग्लैंड के गेंदबाजों का सामना नहीं कर सका था।