प्रमोद भगत: बचपन में पोलिया का शिकार, मगर नहीं मानी हार, पैरालंपिक गेम्स में देश के लिए जीता गोल्ड (Image Source: IANS)
भारत के सबसे सफल पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों में शुमार प्रमोद भगत ने पुरुष एकल एसएल3 वर्ग में कई अंतरराष्ट्रीय खिताब जिताए हैं। प्रमोद भगत की मेहनत, अनुशासन और लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उन्हें विश्व स्तर पर सम्मान दिलाया, जिसने खिलाड़ियों को प्रेरित किया है।
4 जून 1988 को जन्मे प्रमोद मूलत: बिहार से हैं, लेकिन परिवार ओडिशा के बरगढ़ जिले के अट्टाबीरा में रहता है। जब प्रमोद महज 5 साल के थे, तो उन्हें पोलियो हो गया, जिससे बाएं पैर में दिव्यांगता आ गई। हालांकि, इसे प्रमोद ने अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया।
प्रमोद के पिता रामा भगत गांव में खेती करते थे। प्रमोद की बुआ किशनु देवी को संतान नहीं थी, उन्होंने प्रमोद को गोद ले लिया और बेहतर इलाज के लिए प्रमोद को अपने साथ ओडिशा ले आईं।