22 दिसंबर,नई दिल्ली (CRICKETNMORE)। साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज अल्वेरो पीटरसन ने 2015-16 सत्र के दौरान घरेलू टी-20 क्रिकेट में हुई मैच फिक्सिंग में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है जिसके बाद क्रिकेट साउथ अफ्रीका (सीएसए) ने उन पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है। पीटरसन ने 13 अपराधों में संलिप्तता कबूल की और अपने अपराध के लिए माफी मांगी है।
हालांकि पीटरसन ने यह भी कहा है कि उनका मकसद मैच फिक्सिंग नहीं था।
बुरी खबर: रविचंद्रन अश्विन और मुरली विजय टीम से बाहर, इस महत्वपूर्ण मैच में नहीं खेलेंगे
इन 13 अपराधों में भ्रष्टचार के लिए जानकारी प्रदान करने, अपने विरोधी को जानकारी प्रदान करने, जांचकर्ता के साथ सहयोग न करने और जानकारी न देने तथा जांच संबंधी जानकारी को नष्ट करना शामिल है।
वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो ने पीटरसन के हवाले से लिखा है, "मैं अपने परिवार, दोस्तों, क्रिकेट के प्रशंसकों, साथी खिलाड़ियों, गोटेंग क्रिकेट, लॉयंस क्रिकेट और विशेष तौर पर क्रिकेट साउथ अफ्रीका से अपने किए की माफी मांगता हूं। बोदी और फिक्सर के साथ जब बैठक हुई तब मेरी मंशा मैच फिक्स करने की नहीं थी।"
उन्होंने कहा, "मैं इस बैठक में हिस्सा लेने और अपने अधिकारियों को इस बात की जानकारी न देने के लिए शर्मिदा हूं। मैं जानता हूं कि मुझे अपने किए की जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। मैं सीएसए द्वारा दी गई सजा को कबूल करता हूं।"
पीटरसन साउथ अफ्रीका के छठे और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साउथ अफ्रीका का प्रतिनिधित्व करने वाले कुल तीसरे खिलाड़ी हैं जिन्हें जारी जांच में प्रतिबंध झेलना पड़ा है। उनसे पहले गुलाम बोदी, थामी सोलीकिले, इथी मबहालाती, पुमी माटशिक्वे और जेम्स सेयमेस भी प्रतिबंध का सामना कर रहे हैं।
एल्विरो पीटरसन ने साउथ अफ्रीका के लिए 36 टेस्ट मैच खेले हैं। जिसमें उन्होंने 34.88 की औसत से 2093 रन बनाए। उन्होंने 5 टेस्ट शतक लगाए और उनका सर्वोच्च स्कोर 182 था। पीटरसन ने भारत के खिलाफ कोलकाता में 2010 में अपने टेस्ट क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी। पीटरसन ने 2015 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा था। लेकिन वे इंग्लिश काउंटी लंकाशायर और साउथ अफ्रीका के घरेलू क्रिकेट में लायंस की तरफ से अभी भी खेल रहे थे।