इंटरनेशनल क्रिकेट में कई ऐसे क्रिकेटर्स हुए हैं, जिन्होंने क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों में भी अपना जौहर दिखाया है। हालांकि उन्होंने अंत में क्रिकेट को ही अपने करियर के तौर पर चुना और अपने प्रदर्शन का लौहा मनवाया, आइए जानते हैं ऐसे ही पांच क्रिकेटर्स के बारे में।

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सर विवियन रिचर्ड्स

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वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज विवियन रिचर्ड्स ने अपने देश के लिए क्रिकेट वर्ल्ड कप और फुटबॉल वर्ल्ड कप ( क्वालिफाइंग स्टेज) खेला। रिचर्ड्स ने 1974 फुटबॉल वर्ल्ड कप के क्वालिफायर्स मुकाबलों में एंटीगुआ और बारबुडा की टीम का हिस्सा थे। हालांकि उनकी टीम अपने ग्रुप में सबसे नीचे रही, जिसके बाद रिचर्ड्स ने अपना ध्यान पूरी तरह क्रिकेट पर केंद्रित कर लिया। इसके बाद रिचर्ड्स ने वेस्टइंडीज को 1975 और 1979 वर्ल्ड कप जिताने में अहम रोल निभाया। उन्होंने 1979  वर्ल्ड कप के फाइनल में शतक भी जड़ा।


एलिसा पैरी

ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर एलिस पैरी ने अपने देश के लिए फुटबॉल भी खेला। वहीं 2011 में महिला फुटबॉल वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया टीम का हिस्सा थे। 18 बार उन्होंने इंटरनेशनल स्तर पर ऑस्ट्रेलिया फुटबॉल टीम का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा वह कैनबरा यूनाइटेड और सिडनी एफसी क्लब का भी हिस्सा रही। लेकिन उन्होंने अंत में क्रिकेट को ही अपने करियर के तौर पर चुना। 

अक्टूबर 2007 में डेब्यू करने वाली पैरी पांच बार वर्ल्ड कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा रहीं।


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युजवेंद्र चहल

भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल ने क्रिकेट को प्रोफेशन के तौर पर चुलने से पहले 1997 से 2003 तक चेस खेला। 2002 में चहल ने कोलकाता में नेशनल अंडर-11 चैंपियनशिप जीती। इसके बाद अगले साल उन्होंने ग्रीस में अंडर-12 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट में अपना करियर बनाया और आज वह टीम इंडिया का अहम हिस्सा हैं।


जोंटी रोड्स

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साउथ अफ्रीका के दिग्गज क्रिकेटर जोंटी रोड्स को आधुनिक क्रिकेट के क्षेत्ररक्षण मानकों में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए जाना जाता है। रोड्स ने हॉकी को छोड़कर क्रिकेट को करियर के तौर पर चुना था।  रोड्स को 1992 में बार्सेलोना ओलंपिक के लिए साउथ अफ्रीका की टीम में चुना गया था। हालांकि साउथ अफ्रीका की टीम टूर्नामेंट में क्वालीफाई करने में असफल रही। उसी साल उन्होंने भारत के खिलाफ डरबन में खेले गए टेस्ट मैच में डेब्यू किया और पहली पारी में 41 रन और दूसरी पारी में 26 रन बनाए। 

इसके बाद 1996 ओलंपिंक में खेलने के लिए रोड्स को ट्रायल्स के लिए बुलाया गया था लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और वह हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण बाहर हो गए।


इयान बॉथम

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इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर ने क्रिकेट के अलावा फुटबॉल के मैदान पर भी अपना हुनर दिखा। साल 1978 से 1985 के दौरान वह येओविल युनाइटेड और स्कनथोरपे युनाइटेड के लिए फुटबॉल खेले। इस दौरान वह इंग्लैंड के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट भी खेल रहे थे। बॉथम ने इंग्लैंड के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में 7000 से ज्यादा रन बनाने के साथ-साथ 500 विकेट भी अपने खाते में डाले।

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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