साल 2011 में वनडे वर्ल्ड कप का 10वां संस्करण खेला गया जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका के साथ -साथ पहली बार बांग्लादेश ने भी की। भारत ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर वर्ल्ड कप का ख़िताब दूसरी बार अपने नाम किया। 

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इस वर्ल्ड कप में कुल 14 टीमों ने अपनी दावेदारी पेश की। इन टीमों को 2 ग्रुप में बांटा गया जिसके पहले ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान,न्यूज़ीलैंड, श्रीलंका, जिम्बाब्वे, कनाडा तथा केन्या की टीम रहीं। दूसरें ग्रुप में भारत,साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड,वेस्टइंडीज, बांग्लादेश, नीदरलैंड और और आयरलैंड की टीम शामिल थी। 

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ग्रुप स्टेज में जबरदस्त भिड़ंत के बाद दोनों ग्रुप की टॉप-4 टीमों ने क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह बनाई। ग्रुप 'ए' से क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली टीमों में पाकिस्तान, श्रीलंका,ऑस्ट्रेलिया तथा न्यूज़ीलैंड की टीम शामिल रहीं। ग्रुप 'बी' से क्वार्टर फाइनल वाली जगह बनाने वाली टीमों में साउथ अफ्रीका, भारत, इंग्लैंड तथा वेस्टइंडीज की टीमें आपस में भिड़ी।
क्वार्टर फाइनल के पहले मैच में वेस्टइंडीज का सामना पाकिस्तान, दूसरें में ऑस्ट्रेलिया का सामने भारत, तीसरे में न्यूज़ीलैंड का सामना साउथ अफ्रीका तो वहीं आखिरी मुकाबलें में इंग्लैंड का सामना श्रीलंका से हुआ। 

क्वार्टर फाइनल में जबरदस्त टक्कर के बाद भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका तथा न्यूज़ीलैंड की टीम ने अपने-अपने प्रतिद्वंद्वी को हराते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की।

पहला सेमीफाइनल - श्रीलंका बनाम न्यूज़ीलैंड

श्रीलंका और न्यूज़ीलैंड के बीच पहला सेमीफाइनल मुकाबला कोलोंबो में खेला गया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूज़ीलैंड की टीम 48.5 ओवरों में 217 रनों पर ढेर हो गई। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने 47.5 ओवरों में 5 विकेट पर 220 रन बनाते हुए जीत हासिल कर ली। श्रीलंका के कुमार संगाकारा को उनकी 54 रनों की पारी के लिए "मैन ऑफ द मैच" अवॉर्ड मिला।

 
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दूसरा सेमीफाइनल - भारत बनाम पाकिस्तान

चिर-प्रतिद्वंदी भारत और पाकिस्तान के बीच दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला मोहाली के मैदान पर खेला गया। मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 260 रन बनाए। 261 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की पूरी  टीम 49.5 ओवरों में 231 रनों पर ऑलआउट हो गई और भारत ने मैच को 29 रन से अपने नाम करते हुए फाइनल में अपनी जगह पुख्ता की। सचिन तेंदुलकर को 85 रन की उनकी शानदार पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। 

फाइनल - भारत बनाम श्रीलंका

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2011 वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला भारत और श्रीलंका के बीच वानखेड़े के मैदान पर खेला गया।  श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 4 विकेट पर भारत के सामने 277 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। 278 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रहीं लेकिन टीम ने गौतम गंभीर (97) और कप्तान धोनी (91*) की शानदार पारियों की मदद से मैच को 6 विकेट से अपने नाम किया। 

भारत इस जीत के साथ 28 सालों के बाद वर्ल्ड चैंपियन बनीं। महेंद्र सिंह धोनी को उनकी नाबाद 91 रनों की पारी के लिए "मैन ऑफ द मैच" अवॉर्ड से नावजा गया। टूर्नामेंट में गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन करने वाले युवराज सिंह(362 रन तथा 15 विकेट) के लिए "प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अवॉर्ड से नवाजा गया । दिलचस्प बात यह है कि यह पहला मौका था जब वर्ल्ड कप की मेजबान टीम चैंपियन बनी थी।

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Saurabh

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