जिमी एंडरसन, अपने आखिरी टेस्ट को खेलने के करीब हैं। जब भी इंग्लैंड के इस गेंदबाज की चर्चा होती है- उनके विकेट की चर्चा होती है। ऐसे लंबे टेस्ट करियर वाले भले ही शुद्ध गेंदबाज हों- कभी-कभी बैट के साथ भी बड़े ख़ास रिकॉर्ड में हिस्सेदार बन जाते हैं। इस समय एंडरसन का रिकॉर्ड है- 187 टेस्ट में 1353 रन और इसमें एक 50 भी है पर सबसे ख़ास है उन का 34 बार 0 पर आउट होना। इस मामले में वे इस समय इशांत शर्मा और शेन वार्न की बराबरी पर हैं और उन्हें लॉर्ड्स में दो पारी भी मिल सकती हैं- इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए।
और एक मजेदार बात- जिन 34 बार वे 0 पर आउट हुए उनमें से 9 बार पहली ही गेंद पर आउट हुए। ऐसे आउट होने को क्रिकेट में 'गोल्डन डक' के नाम से मशहूरी मिलती है। इसमें भी एक रिकॉर्ड उनका इंतजार कर रहा है- वे इंग्लैंड के क्रिकेटरों में से, सबसे ज्यादा गोल्डन डक का, अपने ही कई टेस्ट में नई गेंद के जोड़ीदार, स्टुअर्ट ब्रॉड का रिकॉर्ड तोड़/बराबर कर सकते हैं। ब्रॉड 167 टेस्ट के करियर में 39 बार 0 पर आउट हुए- इनमें से 10 गोल्डन डक उनके नाम हैं। एंडरसन और ब्रॉड की इस चर्चा को आगे बढ़ाने से पहले इसी संदर्भ में विराट कोहली का भी जिक्र करते हैं।
विराट कोहली का नाम आए तो उनके रन और 100 चर्चा में आते हैं- 0 नहीं। विराट कोहली के टी20 इंटरनेशनल करियर में 2024 आखिरी साल तो रहा पर उन्हें 0 के मामले में भी ख़ास चर्चा दिला गया। अपने 2010 से शुरू हुए 125 टी20 इंटरनेशनल के करियर में वे 7 बार 0 पर आउट हुए और विश्वास कीजिए इसमें से तीन 0 इस 2024 साल के हैं। इतना ही नहीं, जिन विराट कोहली के नाम टी20 इंटरनेशनल में 2010 से 2023 तक एक भी गोल्डन डक नहीं था- वे इस साल दो गोल्डन डक रिकॉर्ड कर गए। पहली बार-अफगानिस्तान के विरुद्ध भारत में खेली सीरीज के तीसरे टी20 इंटरनेशनल में और वह भी और कहीं नहीं, अपनी आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के होम ग्राउंड बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में और फरीद ने जैकपॉट विकेट लिया। खचाखच भरे चिन्नास्वामी स्टेडियम में सन्नाटा छा गया था। दूसरी बार- हाल ही में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप में यूएसए के विरुद्ध न्यूयॉर्क में और विकेट लिया सौरभ नेत्रवलकर ने।
अब फिर से लौटते हैं जिमी एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड क्रिकेट की गोल्डन डक स्टोरी पर। पिछले दिनों ब्रॉड को एक बड़ा अनोखा सम्मान दिया गया- उन्हें प्राइमरी क्लब (Primary Club) का पेटर्न बनाया और ये सम्मान मिला टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा 10 गोल्डन डक के रिकॉर्ड लिए। जब ये घोषणा हुई तो साथ ही ये भी बता दिया गया था कि भले ही लॉर्ड्स में एंडरसन उनका ये रिकॉर्ड बराबर कर लें या तोड़ दें- क्लब के पेटर्न तो ब्रॉड ही रहेंगे। जब तीन साल पहले ट्रेंट ब्रिज में जसप्रीत बुमराह ने स्टुअर्ट ब्रॉड को मिडिल स्टंप पर यॉर्क किया तो ब्रॉड ने क्या रिकॉर्ड बनाया- उन्हें तब इसका एहसास नहीं हुआ था और न ही बाद में इसके बारे में बताया जाना अच्छा लगा होगा- ये ब्रॉड का इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में 10वां गोल्डन डक था। तब उन्होंने स्टीव हार्मिसन के रिकॉर्ड को तोड़ा था। इस तरह 9 गोल्डन डक वाले जिमी एंडरसन, को लॉर्ड्स में उनसे आगे निकलने के दो मौके मिल सकते हैं।
क्रिकेट की किताबों में इस प्राइमरी क्लब का कहीं जिक्र नहीं मिलेगा पर क्रिकेट के एक रिकॉर्ड से जुड़ा ये क्लब एक चैरिटी है जो अंधे और आंशिक रूप से दृष्टिहीन खिलाड़ियों (Blind and partially sighted sportsmen) के लिए धन जुटाता है। कोई भी ऐसा खिलाड़ी इसका सदस्य बन सकता है जो क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट के मैच में, पहली गेंद पर आउट (गोल्डन डक) हो गया हो। ये क्लब 1955 में केंट में बेकेनहम क्रिकेट क्लब में बैठे चार नशे में धुत्त ऐसे चार युवा क्रिकेटरों ने बनाया जो बैट से अपने प्रदर्शन से निराश थे। उनकी बातों में ये कहा जा रहा था- जैसा हम खेल रहे हैं, इससे बेहतर तो अंधे भी खेल लेंगे। तो बस वहीं इन निराश युवा बल्लेबाजों ने अंधे और कम देख पाने वाले खिलाड़ियों की मदद के लिए एक क्लब बनाने का फैसला ले लिया। शुरुआत कौन करे- इसके लिए उन्होंने उसी बेकेनहम क्लब के एक पहली गेंद पर आउट होने वाले क्रिकेटर को न्यौता दे दिया।
तब इंग्लैंड में, इंग्लैंड के पुराने कप्तान फ्रेडी ब्राउन एक ऐसा फंड चलाते थे जो पहले से दृष्टिहीन लोगों की मदद के लिए काम कर रहा था। 1973 में टेस्ट मैच स्पेशल पर ब्रायन जॉनस्टन ने अपनी क्रिकेट टेस्ट की कमेंट्री के दौरान इस क्लब की स्टोरी का जिक्र कर दिया और इसे बनाने और इसके जरिए एक भले काम के लिए पैसा जुटाने की उन चार नौजवानों की कोशिशों की तारीफ़ कर दी। उन्हें नहीं मालूम था कि वे जो बता रहे हैं- उस का क्या असर होने वाला है। बस फिर क्या था- पूरी दुनिया में जो-जो किसी मैच में गोल्डन डक पर आउट हुए थे इसके मेंबर बनने के लिए एकदम आगे आ गए। गिनती हजारों में पहुंच गई और पैसा जुटाने के कई प्रोजेक्ट शुरू हो गए।
विश्वास कीजिए- ये क्लब अब तक लगभग 5 मिलियन पाउंड (लगभग 54 करोड़ रुपये ) जुटा चुका है। पिछले साल इस क्लब ने गोल्फ़, स्कीइंग, साइकिलिंग और नौकायन (Sailing) को भी क्रिकेट के साथ-साथ पैसा दिया। ब्रॉड से पहले इस क्लब के पेटर्न इंग्लैंड के मशहूर स्पिनर डेरेक अंडरवुड थे- उनका तो क्रिकेट करियर ही इसी बेकेनहम क्लब से शुरु हुआ था और टेस्ट मैच में 6 गोल्डन डक उनके नाम हैं। मौजूदा इंग्लिश रिकॉर्ड ब्रॉड के नाम है और कुल टेस्ट रिकॉर्ड मुथैया मुरलीधरन के नाम- 14 गोल्डन डक हैं उन के नाम। वैसे ब्रॉड को चाहिए कि अपने 10 गोल्डन डक की गिनती को न देखें क्योंकि वे कुल 244 पारी खेले और पारी की गिनती से प्रतिशत तुलना में वे 10 गोल्डन डक रजिस्टर करने वाले माइक हसी और ग्रेग चैपल जैसे बेहतरीन बल्लेबाजों के रिकॉर्ड के बराबर हैं।
आने वाले दिनों में इस रिकॉर्ड को फिर से लिखने के सबसे जोरदार दावेदार- इंग्लैंड के सैम करन जो 24.7 के टेस्ट औसत के बावजूद सिर्फ 38 पारी में 6 बार गोल्डन डक दर्ज कर चुके हैं। बड़े-बड़े दिग्गज भी गोल्डन डक से बचे नहीं- यहां तक कि जो डॉन ब्रैडमैन, तीन बार एक टेस्ट पारी में 400+ गेंद खेले, वे भी दो बार पहली गेंद पर आउट हुए।