स्कॉटलैंड फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट स्टेज में जगह बनाने में नाकाम रहा। क्रोएशिया की घाना पर जीत के साथ ही स्कॉटलैंड का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया। टीम के विश्व कप से बाहर होने के बाद हेड कोच स्वीट क्लार्क ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
स्कॉटलैंड को ग्रुप सी में मोरक्को और ब्राजील से हार का सामना करना पड़ा, जबकि टीम ने हैती के खिलाफ 1-0 से जीत हासिल की थी। तीन मैचों में सिर्फ तीन अंक मिलने के बावजूद, खराब गोल अंतर के कारण स्कॉटलैंड राउंड ऑफ 32 में जगह नहीं बना सका। क्लार्क के कार्यकाल को स्कॉटलैंड फुटबॉल के लिए एक महत्वपूर्ण दौर माना जाता है। उन्होंने 62 साल की उम्र में स्कॉटलैंड को 28 साल बाद पुरुष वर्ल्ड कप में पहुंचाया। इससे पहले टीम ने लगातार दो यूईएफए यूरो क्वालिफिकेशन भी हासिल किए थे। उनके नेतृत्व में स्कॉटलैंड ने हैती के खिलाफ 1-0 की जीत से वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत की थी।
स्कॉटलैंड फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट स्टेज में जगह बनाने में नाकाम रहा। क्रोएशिया की घाना पर जीत के साथ ही स्कॉटलैंड का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया। टीम के विश्व कप से बाहर होने के बाद हेड कोच स्वीट क्लार्क ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
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स्कॉटिश फुटबॉल एसोसिएशन के चीफ एग्जीक्यूटिव इयान मैक्सवेल ने भी क्लार्क के काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि भले ही टीम वर्ल्ड कप से बाहर हो गई हो, लेकिन पिछले सात वर्षों में स्कॉटलैंड ने बड़ी प्रगति की है। टीम ने पॉट फोर से शुरुआत करके क्वालिफाइंग ग्रुप में टॉप तक का सफर तय किया। अब खबरों के अनुसार, एवर्टन के मैनेजर डेविड मोयेस को स्टीव क्लार्क की जगह लेने के लिए रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं।