पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने तेज़ गेंदबाज़ नसीम शाह पर कड़ा एक्शन लेते हुए 20 मिलियन PKR का जुर्माना लगाया है। नसीम पर ये जुर्माना सोशल मीडिया पर की गई एक विवादित पोस्ट के लिए लगाया गया है। नसीम ने उस पोस्ट में पाकिस्तान सुपर लीग के उद्घाटन मैच में एक वरिष्ठ राजनेता की मौजूदगी पर सवाल उठाया था और तभी से सोशल मीडिया पर नसीम शाह पर सवाल उठने शुरू हो गए थे।
ये विवाद लाहौर के गद्दाफ़ी स्टेडियम में हुई घटना से जुड़ा है। यहां पाकिस्तान के पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ उद्घाटन मैच में 'राजकीय अतिथि' के तौर पर शामिल हुई थीं। मौजूदा चैंपियन लाहौर कलंदर्स और टूर्नामेंट में नई टीम हैदराबाद किंग्समेन के बीच मैच शुरू होने से पहले, नवाज़ ने अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ मिलकर सभी आठ फ्रेंचाइज़ी के अधिकारियों और खिलाड़ियों से मुलाक़ात की। इसके बाद नसीम ने इस समारोह पर एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, "उन्हें लॉर्ड्स की महारानी की तरह क्यों ट्रीट किया जा रहा है?"
नसीम की इस टिप्पणी को पाकिस्तानी फैंस द्वारा बिल्कुल भी पसंद नहीं किया गया और उनकी आलोचना होनी शुरू हो गई। हालांकि, नसीम ने पोस्ट पब्लिश करने के कुछ ही समय बाद उसे डिलीट भी कर दिया था लेकिन तब तक डैमेज हो चुका था और बाद में, तेज़ गेंदबाज़ ने दावा किया कि उनका अकाउंट हैक हो गया था। अब इस पूरे घटनाक्रम पर PCB ने इस पर तुरंत कार्रवाई की है।
उन्होंने नसीम को उनके 'सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट' की शर्तों का उल्लंघन करने, साथ ही बोर्ड की 'मीडिया पॉलिसी' और 'आचार संहिता' को तोड़ने के लिए एक नोटिस जारी किया और 20 मिलियन पीकेआर का जुर्माना लगाया। इसके बाद 21 वर्षीय नसीम ने बिना शर्त माफ़ी मांगी और सोमवार को लाहौर में तीन सदस्यीय 'अनुशासनात्मक समिति' के सामने पेश हुए। अपने आधिकारिक बयान में, PCB ने कहा कि नसीम को उनके सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन करते हुए पाया गया है।
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बोर्ड ने आगे कहा कि खिलाड़ी ने अपने सोशल मीडिया सलाहकार की सेवाएं पहले ही समाप्त कर दी हैं। उस सलाहकार को भी PCB के अधिकार क्षेत्र में आने वाले किसी भी क्रिकेटर के साथ काम करने के लिए 'ब्लैकलिस्ट' कर दिया जाएगा। ये घटना पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक चुनौतीपूर्ण दौर में सामने आई है। ईरान संघर्ष के व्यापक क्षेत्रीय प्रभाव के कारण PSL का मौजूदा सीज़न बिना दर्शकों के आयोजित किया जा रहा है। ईंधन की बढ़ती क़ीमतों और सरकारी सलाह के चलते अधिकारियों ने यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है और 'वर्क-फ़्रॉम-होम' के उपायों को बढ़ावा दिया है।