भारत की ए टीम ने श्रीलंका ए टीम को दांबुला में रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में हराकर त्रिकोणीय सीरीज अपने नाम कर ली। 50 ओवर फॉर्मेट के इस टूर्नामेंट की तीसरी टीम अफगानिस्तान ए थी।
भारतीय टीम के चैंपियन बनने के बाद कप्तान तिलक वर्मा ने कहा, "इस टूर्नामेंट में सबने अपना असली कैरेक्टर दिखाया। अफगानिस्तान और श्रीलंका से लगातार दो मैच हारने के बाद बड़े अंतर से जीतना जबरदस्त था।"
उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से, सभी ने अपने राज्य में घरेलू मैच खेले हैं। सभी के पास अनुभव है। मैच के पहले हमें बन योजना बनानी थी। हम पावरप्ले में और 10 से 40 ओवर के बीच कैसे खेलते हैं, और फिर आखिर के ओवरों में कैसे खेलते हैं, ये अहम है। हम जानते हैं कि हमारे पास डेथ ओवरों में बड़े हिटर हैं। वैभव और आर्य हमें अच्छी शुरुआत दिलायी। बीच के ओवरों में भी हमें अच्छी साझेदारियां मिलीं। फाइनल में भी वो ब्लूप्रिंट साफ दिख रहा था। वैभव सूर्यवंशी ने रिकॉर्ड तोड़ 94 रन बनाकर श्रीलंकाई आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं। सिर्फ 11 गेंदों में लिस्ट ए का सबसे तेज अर्धशतक भी इस पारी में शामिल था, जबकि प्रियांश आर्य ने 132 रन की ओपनिंग साझेदारी के दौरान उनका अच्छा साथ निभाया।"
भारतीय टीम के चैंपियन बनने के बाद कप्तान तिलक वर्मा ने कहा, "इस टूर्नामेंट में सबने अपना असली कैरेक्टर दिखाया। अफगानिस्तान और श्रीलंका से लगातार दो मैच हारने के बाद बड़े अंतर से जीतना जबरदस्त था।"
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मैच की बात करें तो टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 9 विकेट पर 377 रन बनाए थे। वैभव सूर्यवंशी ने 29 गेंदों पर 94 और तिलक वर्मा ने 90 गेंदों पर 67 रन बनाए थे। श्रीलंका की टीम 47.1 ओवर में 311 रन पर सिमट गई और 66 रन से खिताबी मुकाबला हार गई।