Gujarat Titans: भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय बांगर ने शनिवार को गुजरात टाइटंस (जीटी) के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के कप्तान रियान पराग की धैर्य और फैसले लेने की क्षमता की जमकर तारीफ की। बांगर ने कहा कि आरआर को मिली 6 रनों की जीत में रियान की कप्तानी का रोल काफी अहम रहा।
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेला गया यह मैच आखिरी ओवर तक गया। इस मुकाबले में आखिरी ओवर तुषार देशपांडे को सौंपने का फैसला राजस्थान रॉयल्स के लिए निर्णायक साबित हुआ। तुषार आखिरी ओवर में 11 रनों का बचाव करने में सफल रहे। बांगर ने इस बात को रेखांकित किया कि जीत की नींव अहम पलों में पराग की कप्तानी ने ही रखी। गेंदबाजी के कई विकल्प मौजूद होने के बावजूद आरआर के कप्तान का फैसला बिल्कुल साफ था। उन्होंने आखिरी ओवर के लिए देशपांडे पर भरोसा जताया और यह फैसला टीम के हित में रहा।
बांगर ने 'जियोस्टार' से कहा, "जीटी के खिलाफ इस मैच में अपनी शानदार कप्तानी के लिए रियान पराग तारीफ के हकदार हैं। कप्तान बनना कोई आसान काम नहीं है, खासकर तब जब आपके पास गेंदबाजी के लिए ढेरों विकल्प मौजूद हों और आप एक बेहद दबाव वाली स्थिति में हों। रियान ने आखिरी ओवर फेंकने के लिए तुषार देशपांडे पर पूरा भरोसा जताया। जब कोई कप्तान आपको ऐसे ओवर के लिए चुनता है, जो 'करो या मरो' वाला हो, तो आपको अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना ही होता है। अगर आप ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो आपकी टीम को हार का सामना करना पड़ता है।"
बांगर ने इस बात पर जोर दिया कि रणनीति से हटकर एक कप्तान की भूमिका यह भी होती है कि वह अहम मौकों पर खिलाड़ियों में आत्मविश्वास जगाए। उन्होंने कहा, "जब कप्तान किसी गेंदबाज को इतना मुश्किल काम सौंपता है, तो उसे प्रेरित करना बेहद जरूरी होता है। आपको लगातार उससे यह कहते रहना होता है कि 'तुम यह कर सकते हो'। तुषार देशपांडे ने भी उम्मीदों पर खरा उतरते हुए सारा दबाव झेला और अपने क्रिकेट करियर का सबसे बेहतरीन ओवर फेंका।"
देशपांडे ने बेहद शांतचित्त होकर गेंदबाजी की। उन्होंने मुकाबले के आखिरी ओवर में सिर्फ 4 रन दिए और एक अहम मोड़ पर राशिद खान को आउट करके मैच का रुख पूरी तरह से राजस्थान के पक्ष में मोड़ दिया।
बांगर ने कप्तान और गेंदबाज के बीच इस तरह के भरोसे के लंबे समय तक रहने वाले असर पर भी रोशनी डालते हुए कहा, "एक बार जब आपको अपने कप्तान से इस तरह का भरोसा और विश्वास मिल जाता है, तो यह एक बहुत ही शानदार एहसास होता है। जब भी राजस्थान किसी रोमांचक और मुश्किल हालात में फंसेगा, तो रियान पराग तुषार देशपांडे की तरफ ही जाएंगे, क्योंकि उन्होंने एक बार ऐसा करके दिखाया है और वे दोबारा भी ऐसा कर सकते हैं।"
देशपांडे ने बेहद शांतचित्त होकर गेंदबाजी की। उन्होंने मुकाबले के आखिरी ओवर में सिर्फ 4 रन दिए और एक अहम मोड़ पर राशिद खान को आउट करके मैच का रुख पूरी तरह से राजस्थान के पक्ष में मोड़ दिया।
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उन्होंने कहा, "रवि बिश्नोई बहुत कम ही लेग-ब्रेक गेंद डालते हैं। वे सिर्फ दो तरह की गेंदों पर ही निर्भर रहते हैं - गूगली और वो गेंद जो बिल्कुल सीधी जाती है। गूगली उनकी मुख्य गेंद है। उनके पास गेंदबाजी में ज्यादा विविधता नहीं है, लेकिन वे बहुत ही असरदार और सटीक गेंदबाज हैं। बिश्नोई को विकेट तब मिलते हैं जब बल्लेबाज उनकी गेंद को कट करने के लिए पीछे हटते हैं, जैसा कि राहुल तेवतिया ने किया था। ऐसे में गेंद बल्ले का किनारा लेकर निकल जाती है, लेकिन बिश्नोई अपनी सीमित क्षमताओं के दायरे में रहकर भी बहुत अच्छा प्रदर्शन करते हैं।"