दिल्ली के अरूण जेटली स्टेडियम में खेला गया पहला T20 मुकाबला साउथ अफ्रीका ने जीता। लेकिन, टीम इंडिया की पारी के 14वें ओवर की तीसरी बॉल पर कुछ ऐसा हुआ जिसे क्रिकेट की स्पिरिट के खिलाफ माना जा सकता है। गेंदबाज थे कगिसो रबाडा (kagiso rabada) और क्रीज पर थे श्रेयस अय्यर। बल्लेबाज ने लेग साइड की दिशा में शॉट खेला और नॉनस्ट्राइकर एंड पर खड़े ऋषभ पंत (Rishabh Pant) ने सिंगल लेने के लिए दौड़ लगा दी।

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अब यहां पर शुरू हुआ असली बवाल गेंदबाज रबाडा ने पंत को धक्का दिया और वो पिच पर गिर पड़े। पहली झलक में देखने पर ऐसा लगा कि रबाडा ने जानबूझकर पंत को धक्का दिया है। हालांकि, रबाडा की ये कोशिश कामयाब नहीं हुई और पंत खराब थ्रो के चलते रनआउट होने से बच गए।

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क्रिकेट की रूलबुक का 41.5वां नियम
अब हम आपको बताने की कोशिश करेंगे कि आखिरकार जैंट्लमेन गेम का नियम क्या कहता है? क्रिकेट की रूलबुक का 41.5वां नियम अगर ऐसे हालात बनते हैं तो फिर अंपायर तय करता है कि बल्लेबाज को जानबूझकर रोका गया था या फील्डर से ऐसा अनजाने में हुआ।

अंपायर कर सकता था डेड बॉल घोषित
अगर जांच में अंपायर को लगता है कि ये जानबूझकर किया गया है तो फिर अंपायर उस बॉल को डेड बॉल घोषित कर देता है। डेड बॉल पर बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जा सकता। इसके अलावा अगर ये शारीरिक ऑफेंस होता तो गेंदबाज़ी करने वाली टीम को 5 रनों का खामियाजा होता और बल्लेबाजी करने वाली टीम के खाते में पांच रन जोड़ दिए जाते।

लेखक के बारे में

Prabhat Sharma
Prabhat Sharma - A cricket Analyst and Cricket fan. Worked with Jansatta (The Indian Express Group), Times Now Hindi Digital Team, Zee Media in the past. One can reach him at +91 - 8765180685 Read More
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