हम सभी गौतम गंभीर को एक शानदार बल्लेबाज के रूप में जानते हैं लेकिन वो एक बल्लेबाज़ के साथ-साथ एक शानदार लीडर भी थे। बेशक गंभीर को टीम इंडिया की कप्तानी करने का मौका नहीं मिला लेकिन कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी करके उन्होंने दुनिया को दिखा दिया कि अगर उन्हें मौका दिया जाता तो वो टीम इंडिया के लिए भी शानदार कप्तान साबित हो सकते थे।

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केकेआर की अगुवाई में छह साल के अपने कार्यकाल के दौरान गंभीर ने कुछ मास्टरस्ट्रोक खेले जिनमें से एक था सुनील नारायण के साथ ओपनिंग करना। गंभीर के इस फैसले का लाभ आज भी केकेआर उठा रही है। गंभीर की कप्तानी में केकेआर ने तीन साल में दो बार आईपीएल का खिताब जीता और इस दौरान सुनील नारायण ने अहम भूमिका निभाई। अब कई सालों बाद नारायण ने गंभीर के फैसले पर अपना रिएक्शन दिया है।

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नारायण ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से बातचीत के दौरान कहा, "आईपीएल के शुरुआती दिनों में और वेस्टइंडीज में लोगों के पता था कि मैं थोड़ी बल्लेबाजी कर सकता हूं, मैं दुनिया को दिखाना चाहता था कि मैं बल्लेबाजी कर सकता हूं, इसलिए मैंने खुद को 18 महीने दिए। मेरी बल्लेबाजी पर काम करने के लिए और अधिक अभ्यास करने के लिए मैंने कड़ी मेहनत की।"

आगे बोलते हुए नारायण ने कहा, "गौतम गंभीर ने मुझे ओपनिंग करने के लिए कहा था। वो चाहते थे कि मैं टीम को तेज शुरुआत दिलाऊं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं अपना विकेट जल्दी खो दूं। कोई भी मेरे लिए बहुत अधिक प्लान नहीं बना सकता था क्योंकि मैं इस भूमिका के लिए अभी भी नया था, विरोधी टीम मुझे गंभीरता से नहीं लेते थे। मैंने जितना अधिक अच्छा प्रदर्शन किया, केकेआर ने मुझ पर उतना ही अधिक विश्वास किया और मुझे वो प्रोत्साहन दिया।"

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Shubham Yadav
Shubham Yadav - A cricket Analyst and fan, Shubham has played cricket for the state team and He is covering cricket for the last 5 years and has worked with Various News Channels in the past. His analytical skills and stats are bang on and they reflect very well in match previews and article reviews Read More
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