23 अप्रैल, दिल्ली (CRICKETNMORE) आईपीएल 8 में जब पोलार्ड ने अंपायर की बात का विरोध करने का सबसे शालिन तरीका अपनाया तो क्रिकेट के चाहने वाले को जहां एक यादगार लम्हा मिला तो वहीं क्रिकेट पंडितों तक पोलार्ड की इस अनोखे स्टाइल वाले तरीको पर कोई कड़ा विरोध नहीं किया, यहां तक की अंपायरों ने भी पोलार्ड की इस हरकत पर नरम रूख ही अपनाया। 

वैसे, क्रिकेट के इतिहास में खिलाड़ियों के द्वारा अंपायरों के खिलाफ मौर्चा खोलने में कई खिलाड़ी ने विभिन्न तरीके अपनाएं हैं , उनपर एक नजर -

•  जब कीरोन पोलार्ड ने मुंह पर टेप लगाकर किया विरोध
20 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ मैच में मुंबई इंडियंस के खिलाड़ी कीरोन पोलार्ड ने अपने हमवतन खिलाड़ी क्रिस गेल के साथ हल्की बातूनी झड़प की जिसके बाद अंपायरों ने पोलार्ड को मैदान पर चुप्पी साधने को कहा, इसके बाद पोलार्ड ने अपने मुंह पर टेप चिपकाकर सभी को हैरान कर दिया। अंपायर निर्णय के खिलाफ पोलार्ड ने अपनी अवाज रखने का अनोखा तरीका अख्तियार कर क्रिकेट प्रेमियों को हर्ष के सागर में डुबकी लगाने का शानदार मौका दिया तो वहीं अंपायर को उनके इस रवैये से ये समझते तनिक भी देर नहीं लगी कि पोलार्ड ने चुप रहकर भी हमारे निर्णय को सिरे से नकार दिया है।

• जब सुनील गावस्कर ने अंपायर के निर्णय पर निकाली थी अपनी भड़ास
1981 में मेलवर्न क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया और इंडिया के खिलाफ टेस्ट मैच में जब सुनील गावस्कर को डेनिस लीली के गेंद पर अंपायर रेक्स व्हिटहेड ने एलबीडब्लू आउट करार दे दिया था तो सुनील गावस्कर ने यह कहते हुए निर्णय को मानने से इंकार कर दिया कि गेंद उनके बल्ले से लगकर पेड पर लगी है। इसके बाद बेहद ही तमतमाते हुए गावस्कर ने आगे मैच खेलने से इंकार करते हुए अपने साथ नॉट स्ट्रॉइक पर खड़े चेतन चौहान को भी पवेलियन चलने को कह दिया। हालांकि बाद में गवास्कर को अंपायर के निर्णय को मानना पड़ा था.


जरूर जाने ⇒आईपीएल में ये रहे हैं रनों के राजा

 

• मुथैया मुरलीधरन  के लिए श्रीलंका की टीम ने अंपायर के फैसले का किया विरोध
1999 में इंग्लैंड के एडिलेड ओवल में इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच वनडे मैच में अंपायर रॉस एमर्सन ने श्रीलंका के स्पिनर मुथ्थैया मुरलीधरन को गेंदबाजी करने से मना कर दिया था। रॉस एमर्सन मुरलीधरन के संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन को लेकर यह फैसला लिया था कि मुरलीधरन मैच में गेंदबाजी नहीं करेगें। श्रीलंका के टीम के उस समय रहे कप्तान अर्जुन रणातुंगा ने अंपायर के फैसले का विरोध करते हुए अपने खिलाड़ियों को मैदान से बाहर जाने को कह दिया था। लगभग 12 मिनट के बाद मैच दुबारा शुरू हुआ।

• अंपायर के फैसले के कारण जब पाकिस्तान की टीम ने मैच खेलने से किया इंकार 
2006 में जैंटलमैन के देश इंग्लैंड में जैंटलमैन गेम किकेट में एक ऐसी घटना मैदान पर घटी जिससे क्रिकेट शर्म के काले साए में समा गया था। 2006 में इंग्लैंड के ओवल में पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड के खिलाफ चौथा टेस्ट मैच खेल रही थी। मैच के चौथे दिन अंतिम सत्र के पहले इंग्लैंड की टीम ने 230 रन 3 विकेट पर बना लिए थे। इंग्लैंड की पारी का 56वां ओवर उमर गुल करने के लिए तैयार थे कि तभी ऑस्ट्रेलियन अंपायर दर्रेल्ल हेयर ने उमर गुल के हाथों से गेंद लेकर उसका निरीक्षण करने लगे, इस दौरान अंपायर दर्रेल्ल हेयर ने पाकिस्तानी टीम पर आरोप लगाया कि गेंद पर छेड़छाड़ की गई है और इसका दोषी पाकिस्तानी टीम पर गढ़ते हुए 5 अतिरिक्त रन खामियाजा के तौर पर इग्लैंड के खाते में जोड़ दिया जिससे इंग्लैंड की टीम का स्कोर 230 से बढ़कर 235 रन हो गया। चाय सत्र के बाद जब खेल दुबारा शुरू करने का वक्त आया तो पाकिस्तान टीम के कप्तान इंजमाम- उल हक ने अंपायर के निर्णय का विरोध जताते हुए आगे खेलने से इंकार कर दिया। क्रिकेट के नियम के अनुसार यदि कोई टीम मैच खेलन से इंकार कर दे तो अंपायर विपक्षी टीम को विजेता घोषित कर सकते हैं। अंतिम सत्र का खेल नहीं हो पाने के चलते अंपायर ने इंग्लैंड को विजेता घोषित कर दिया था।

 • वेस्टइंडीज महान गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने जब अंपायर के फैसले पर निकाली खुन्नस

1980 में न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज टेस्ट सीरीज के दौरान दूसरे टेस्ट में वेस्टइंडीज पेस बॉलर माइकल होल्डिंग की एक गेंद पर  न्यूजीलैंड बल्लेबाज जॉन पार्कर की कैच आउट की अपील को अंपायर फ्रेंड गुडाल ने खारिज कर दिया जिससे माइकल होल्डिंग अंपायर के निर्णय से इतने खफा हुए कि उन्होंने बैटिंग कर रहे जॉन पार्कर की स्टंप को आगे जाकर अपने पैर से मारकर गिरा दिया। इसके साथ- साथ चाय सत्र के बाद वेस्टइंडीज टीम मैदान में वापस आने में विलंब करते हुए अंपायर फ्रेंड गुडाल का विराध जताया था। चाय के बाद मैच लगभग 11 मिनट के बाद शुरू हुआ।

विशाल भगत(CRICKETNMORE)

Advertisement

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
ताजा क्रिकेट समाचार