24 अगस्त,नई दिल्ली (CRICKETNMORE)। मौजूदा समय में हर युवा खिलाड़ी टी-20 क्रिकेट खेलना चाहता है औऱ आईपीएल जैसे बड़ी टी-20 लीगों का हिस्सा बनना युवा क्रिकेटर्स का सपना होता है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्राथ के अनुसार मशहूर टी20 लीगों से कम समय में अधिक पैसा मिलने के कारण दुनिया भर के तेज गेंदबाजों को नुकसान हो रहा है। मैकग्राथ का मानना है कि इन लीग में शुरूआती सफलता के बाद वह कड़ी मेहनत नहीं कर रहे हैं। जरूर देखें: तस्वीरों की जुबानी देखें शिखर धवन और हॉट आयशा की प्यार की सच्ची कहानी

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पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन में अंडर 23 कोचिंग क्लीनिक के बाद मैकग्राथ ने कहा कि “  मेरे हिसाब से भारत ही नहीं बल्कि पूरे वर्ल्ड में जो सबसे बड़ा मसला लगता है वह यह है कि वे कितनी कड़ी मेहनत करते हैं।  अगर युवा खिलाड़ी आईपीएल या ऑस्ट्रेलियाई टी20 लीग बिग बैश में खेलकर थोड़ी कामयाबी हासिल कर लेते हैं तो उन्हें लगता है कि उन्होंने बड़े लेवल पर सफलता हासिल कर ली है। जिसके बाद वह कड़ी मेहनत करना बंद कर देते हैं औऱ बहुत कम अभ्यास करते हैं।  ये भी पढ़ें: विराट कोहली को झटका, गर्लफ्रेंड अनुष्का शर्मा ने किसी और से की सगाई

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मैकग्राथ ने आगे कहा कि “युवा गेंदबाजों को हमेशा कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार रहना होगा और टीम में अपनी जगह बनाए रखने के लिए उन्हें कड़ी से कड़ी मेहनत करनी होगी। इसके लिए कोई भी आसान विलक्प या शॉर्ट कर्ट नही होना चाहिए। मैंने कई बार देखा है कि कई युवा क्रिकेटर किसी खस लेवल पर पहुंचते हैं तो अचानक है उन्हें अच्छा पैसा मिलने लगता है। जिसके बाद वह मेहनत करना बंद कर देते हैं।  जरूर पढ़ें: पाकिस्तान के नंबर 1 बनने से बौखलाए विराट कोहली ने दिया सनसनीखेज बयान

“मुझे लगता है कि पैसा हमेशा खेल के बाद आना चाहिए। यह अच्छी बात है कि क्रिकेटर अच्छा पैसा कमा रहे हैं लेकिन उन्हें पैसे को प्राथमिकता नहीं देनी चाहिए और अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए औऱ कड़ी मेहनत करना चाहिए। अगर आप कड़ी मेहनत करके अच्छा प्रदर्शन करेंगे तो पैसा अपने आप आएगा। मेरे हिसाब से युवा क्रिकेटरों का मुख्य लक्ष्य अपने देश का प्रतिनिधित्व करना होना चाहिए।’’

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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